दर्जा ग्रेड ए, सुविधाओं में फिसड्डी

Published at :04 Mar 2017 7:51 AM (IST)
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दर्जा ग्रेड ए, सुविधाओं में फिसड्डी

परेशानी. आरा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की काफी कमी आरा : आरा रेलवे स्टेशन को रेल विभाग द्वारा ग्रेड ए का दर्जा दिया गया है, पर स्टेशन पर ग्रेड ए के लिए निर्धारित सुविधाओं की काफी कमी है. इससे रेलयात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जबकि दानापुर मंडल में पटना जंकशन […]

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परेशानी. आरा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की काफी कमी
आरा : आरा रेलवे स्टेशन को रेल विभाग द्वारा ग्रेड ए का दर्जा दिया गया है, पर स्टेशन पर ग्रेड ए के लिए निर्धारित सुविधाओं की काफी कमी है. इससे रेलयात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जबकि दानापुर मंडल में पटना जंकशन के बाद सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति आरा स्टेशन से रेलवे बोर्ड को होती है. हालांकि रेलवे विभाग द्वारा आरा स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की बात बार-बार कही जाती है, पर हमेशा ही यह बात खोखली साबित होती है.
टच स्क्रीन इंक्वायरी सिस्टम से वंचित हैं यात्री : विकास के नारों के बीच एवं ग्रेड ए का दर्जा पाने के बाद भी स्टेशन पर अभी भी टच स्क्रीन इंक्वायरी सिस्टम उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. इसके अभाव में यात्रियों को गाड़ियों के बारे में त्वरित जानकारी नहीं मिल पाती है.
जबकि इस स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं.
पीने के पानी की असुविधा : सभी प्लेटफाॅर्म पर 30-30 पीने के पानी का टेप मानक के अनुसार होना चाहिए, पर अभी तक मात्र 69 टेप ही लगाये गये हैं. इसमें से भी कई खराब पड़े हैं. वहीं पानी के लिए अभी तक वेडिंग मशीन किसी भी प्लेटफाॅर्म पर नहीं लगायी गयी है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है,खास कर गरमी के दिनों में.
घोषणा के बाद भी नहीं लगा स्केलेटर : बार-बार दानापुर मंडल के अधिकारियों द्वारा घोषणा करने के बाद भी अभी तक आरा रेलवे स्टेशन पर स्केलेटर नहीं लगाया गया है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. वहीं आरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए ट्रैवेलेटर की सुविधा स्टेशन के ग्रेड के मानक के अनुसार अपेक्षित है, पर अभी तक विभाग की उदासीनता के कारण यात्री इस सुविधा से वंचित हैं.
प्रतिदिन गुजरते हैं 50 हजार यात्री : आरा रेलवे स्टेशन से आरक्षित और अनारक्षित मिला कर 50 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं, जो दानापुर मंडल में पटना जंकशन के बाद दूसरे पायदान पर है. इतने यात्रियों द्वारा यात्रा करने के बाद भी कई सुविधाओं का न होना रेल विभाग की असंवेदनशीलता तथा उदासीनता को ही दरसाता है.
होती है प्रति माह 5 करोड़ की आमदनी : स्टेशन से दानापुर मंडल को प्रति माह पांच करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होती है, पर विभाग द्वारा इसके एवज में स्टेशन का ग्रेड केवल कागजों में बनाया गया है. धरातल पर सुविधाएं यात्रियों को मुंह चिढ़ा रही हैं.
बुकिंग काउंटर की कमी से होती है काफी परेशानी
स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 10 बुकिंग काउंटर अपेक्षित हैं, पर इतने बुकिंग काउंटर कार्यरत नहीं है. हालांकि काउंटर 16 बनाये गये हैं, पर अधिकतर बंद ही रहते हैं. अनारक्षित बुकिंग काउंटरों में दो से तीन काउंटर ही चालू रहते हैं, जबकि आरक्षित में दो काउंटर खुलते हैं. कभी-कभार तीन काउंटर चालू किये जाते हैं.
इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड नहीं
स्टेशन के ग्रेड के अनुसार स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडीकेटर बोर्ड की आवश्यकता है, पर स्टेशन पर इसकी सुविधा नहीं है. इससे नहीं रहने पर ट्रेन की जानकारी लेने के लिए यात्रियों को पूछताछ काउंटर पर ही जाना पड़ता है.
कोच इंडीकेटर बोर्ड की नहीं है व्यवस्था
कोच इंडीकेटर बोर्ड भी ग्रेड ए स्टेशन का दर्जा पाने के बाद भी आरा रेलवे स्टेशन पर नहीं है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है. अपने कोच की वास्तविक जानकारी प्लेटफाॅर्म पर नहीं मिल पाती है. इस कारण ट्रेन आने के बाद अपने कोच में जाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
यात्रियों को सुविधा प्रदान करने का भरसक प्रयास किया जाता है. हमेशा कोशिश रहती है कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो. स्थानीय स्तर पर जितना संभव है, उसमें बेहतर सुविधा देने का हमेशा प्रयास रहता है.
एसके जैन, स्टेशन मैनेजर
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