50 हजार का इनामी फौजी गिरफ्तार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Jun 2016 1:24 AM (IST)
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सफलता. जमुई में नाम बदल कर डॉक्टर के घर किराये पर रह रहा था नंद गोपाल पांडेय आरा : कई सालों से पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात अपराधी नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी आखिरकार भोजपुर पुलिस की डीआइयू टीम के हत्थे चढ़ ही गया. ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड समेत चर्चित अपराधकर्मी सिल्लू मियां, नेता लालबाबू […]
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सफलता. जमुई में नाम बदल कर डॉक्टर के घर किराये पर रह रहा था नंद गोपाल पांडेय
आरा : कई सालों से पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात अपराधी नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी आखिरकार भोजपुर पुलिस की डीआइयू टीम के हत्थे चढ़ ही गया. ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड समेत चर्चित अपराधकर्मी सिल्लू मियां, नेता लालबाबू की हत्या, जुबैर अंसारी समेत एक दर्जन से ज्यादा हत्या व कई बैंक लूटकांड में मुख्य भूमिका निभानेवाले फौजी को चार दिनों की रेकी के बाद डीआइयू टीम ने जमुई जिले के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीचंद नवादा के एक लॉज से गिरफ्तार कर लिया. इसकी जानकारी भोजपुर पुलिस कप्तान क्षत्रनील सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर दी.
उन्होंने कहा कि उसकी गिरफ्तारी इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिये की गयी. पुलिस कप्तान ने कहा कि रोहतास में अापराधिक मामला होने की वजह से रोहतास पुलिस को पूछताछ के लिए फौजी को सौंपा जायेगा. इसके अलावा ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ टीम को फौजी की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गयी है. प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी अभियान मो साजिद, प्रशिक्षु डीएसपी रेशु कृष्ण, नवादा थानाध्यक्ष संजय शंकर, उदवंतनगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार के अलावे डीआइयू प्रभारी कुमार सौरभ, आरक्षी पप्पू कुमार व शिव कुमार थे.
बार-बार बदल रहा था ठिकाना : पुलिस कप्तान क्षत्रनील सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी जमुई जिले में अपना नाम बदल कर एक लॉज में रह रहा था. वहां इसकी पहचान ठेकेदार के रूप में हुई थी. उन्होंने बताया कि नंद गोपाल इतना शातिर है कि पुलिस को भी इसके बारे में पता लगाने के लिए गोपनीय ढंग से कड़ी मेहनत करनी पड़ी. नंद गोपाल कई दिनों तक पटना में एक सफेदपोश के यहां शरण लिये हुए था. आठ माह पूर्व वह जमुई में नाम बदल कर एक ठेकेदार के रूप में रहने लगा. पुलिस को जो जानकारी हाथ लगी, उसके अनुसार नंद गोपाल कभी मजदूर, तो कभी ठेकेदार, तो कभी अधिकारी का रूप धरने में माहिर है.
रोहतास पुलिस को फौजी को किया जायेगा सुपुर्द : पुलिस कप्तान क्षत्रनील सिंह ने बताया कि भोजपुर में फिलहाल कोई केस नहीं है, जिसमें फौजी फरार है. रोहतास जिले में सुरेश सोनार की हत्या के मामले में फिलहाल वह आरोपित है और रोहतास पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. उसे रोहतास पुलिस को सौंपा जायेगा, ताकि वहां की पुलिस पूछताछ करेगी.
अत्याधुनिक हथियार चलाने का शौक रखता है फौजी : बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी स्वर्गीय रामजी पांडेय का पुत्र नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी लगभग तीन दशक पहले 1980 से अपराध जगत में सक्रिय है. युवा अवस्था से ही वह चर्चित अपराध जगत का डॉन सिल्लू मियां का कभी यह दाहिना हाथ था. ऐसा कहा जाता है कि सिल्लू मियां का शागिर्द फौजी ने अत्याधुनिक हथियारों से ही कई हत्याएं की हैं. नब्बे के दशक में सिल्लू मियां के साथ रहते हुए उसने एक-से-एक हथियार अपने पास रखा. एके-47 से बाद में किसी बात पर विवाद होने पर उसने सिल्लू मियां की हत्या कर डाली और अपराध जगत पर सक्रिय भूमिका निभाने लगा.
पांडव गिरोह का सफाया करने में फौजी ने निभायी थी महत्वपूर्ण भूमिका : एक समय अपराध जगत में सक्रिय भूमिका निभानेवाले पांडव गिरोह जहानाबाद सहित रेलवे के कार्यों में तूती बोलती थी. उस समय अपने एक मित्र के कहने पर नंद गोपाल पांडेय ने पांडव गिरोह के मुख्य दो सदस्य, जिनमें एक अशोक थे. उनकी हत्या साथ रह कर ही कर दी थी. इसके बाद से पांडव गिरोह का अस्तित्व ही मिटता चला गया.
पूर्व विधायक व पूर्व एमएलसी का करीबी है नंद गोपाल उर्फ फौजी :पकड़ा गया नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी पूर्व विधायक सुनील पांडेय एवं पूर्व एमएलसी हुलास पांडेय का एक समय करीबी था. अपराध जगत में सुनील पांडेय व पूर्व एमएलसी के साथ उसकी दोस्ती काफी चर्चित भी है. सूत्रों का कहना है कि फिलवक्त अपराध जगत से नाता तोड़ ठेकेदारी की ओर फौजी ने रुख कर लिया था.
जमुई में 8.50 करोड़ के ठेके का कार्य देख रहा था फौजी : फौजी को जमुई जिले से पकड़ा गया. नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी वर्तमान समय में एक माननीय के साथ ठेकेदारी का कार्य कर रहा था. करीब 8.50 करोड़ के निर्माण का कार्य चल रहा है.
पुरस्कृत होगी डीआइयू की टीम:जमुई से फौजी की गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका निभानेवाली डीआइयू टीम पुरस्कृत होगी. पुलिस कप्तान ने बताया कि पूर्व में बिहार सरकार द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम नंद गोपाल उर्फ फौजी के ऊपर था. पुलिस ने काफी मेहनत के बाद नंद गोपाल को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने कहा कि उसकी गिरफ्तारी में डीआइयू प्रभारी कुमार सौरभ, आरक्षी शिव कुमार साह, पप्पू कुमार, संजय कुमार गुप्ता, रवींद्र रजक, संतोष कुमार, चालक शंभु कुमार, सीआइटी के सिपाही निरंजन कुमार तथा शंकर कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
लॉज में साथ रह रही लेडिज सर्वेंट को भी नहीं पता था कि यही है फौजी : जमुई स्थित लॉज में रह रहे फौजी के बारे में उस नौकरानी को भी नहीं पता था कि इस शख्स का नाम फौजी है, जिसका अपराध जगत में तूती बोलती है. डीआइयू की टीम ने स्थानीय पुलिस की सहायता से लॉज में छापेमारी की, तो नौकरानी कुछ पल के लिए अवाक रह गयी. बाद में उसे पता चला कि अपराध जगत में कई दशकों से सक्रिय भूमिका निभानेवाला वास्तव में यही नंद गोपाल उर्फ फौजी है.
पुलिस के चंगुल में आने से पहले ही कोर्ट से ले ली थी जमानत : जमुई से गिरफ्तार अपराध जगत में सक्रिय भूमिका निभानेवाले नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी को पकड़ कर पुलिस पीठ थपथपा रही थी कि तभी उन्हें पता चला कि चर्चित ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड में शातिर फौजी ने न सिर्फ पटना हाइ कोर्ट से गत 22 अप्रैल को जमानत ले ली थी, बल्कि दो मई को सीबीआइ कोर्ट से भी उसे राहत मिल गयी थी.
उसने सीबीआइ कोर्ट से अंतरिम जमानत हासिल कर ली थी.
फौजी ने कहा, ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या के समय मैं नासरीगंज में था
ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड सहित अपहरण, लूट व कई हत्याओं का है आरोपित
चार दिनों की रेकी के बाद डीआइयू की टीम ने जमुई से धर दबोचा
सीबीआइ और रोहतास पुलिस को फौजी की गिरफ्तारी की दी गयी सूचना
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