बिजली कटौती से बुनकरों का रोजाना लाखों का कारोबार प्रभावित

Published at :15 Jun 2024 9:14 PM (IST)
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बिजली कटौती से बुनकरों का रोजाना लाखों का कारोबार प्रभावित

लोकसभा चुनाव की वजह से कारोबार प्रभावित रहने से हुए घाटे से उबरने में जुटे बुनकरों पर मौजूदा बिजली संकट जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है.

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लोकसभा चुनाव की वजह से कारोबार प्रभावित रहने से हुए घाटे से उबरने में जुटे बुनकरों पर मौजूदा बिजली संकट जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है. नाथनगर, चंपानगर, हुसैनाबाद, बड़ी खंजरपुर, सराय बुनकर बहुल क्षेत्रों में भारी बिजली कटौती हो रही है. कटौती की वजह से बुनकरों का रोजाना लाखों का कारोबार प्रभावित हो रहा है. कारोबार ही नहीं इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है.

युवा बुनकर हेमंत कश्यप ने आशंका जताया है कि इसी रफ्तार से बिजली कटौती जारी रही तो बुनकरों का कारोबार फिर से ठप पड़ जायेगा. बुनकर संघर्ष समिति के सिकंदर आजम ने बताया कि लगातार बिजली आती-जाती रहती है. इससे कोई भी काम नहीं हो पाता है. पेयजल की समस्या भी गहराने लगी है. लोदीपुर के बुनकर प्रतिनिधि भोला प्रसाद ने बताया अभी तो दिन-रात मिला कर 15 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है. वर्किंग आवर में भी बिजली कटौती की जा रही है. व्यवसायियों का ऑर्डर पूरा नहीं कर पा रहे हैं. जेनरेटर से अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है.

बुनकर प्रतिनिधि अलीम अंसारी ने कहा कि बिजली कटने का समय तय नहीं है. पता ही नहीं चलता है कि कब पावरलूम को चलाया जा सकेगा. इससे कर्मचारियों को बैठाकर रखना पड़ता है. बिजली संकट के कारण पेयजल आपूर्ति की भी समस्या है.

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चुनाव से 50 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ प्रभावित

पहले सूत की कीमत बढ़ने से बुनकरों के सिल्क व अन्य कपड़े तैयार करने का काम प्रभावित हुआ है, फिर चुनाव लंबा खींचने पर बुनकरों की और परेशानी बढ़ गयी. प्रतिमाह 100 करोड़ से अधिक का कारोबार घटकर 50 करोड़ से भी नीचे पहुंच गया. अब भीषण गर्मी और जलस्तर नीचे जाने पर बुनकरों को पानी संकट झेलना पड़ रहा है. इससे उन्हें कपड़े की फिनीसिंग व रंगाई काम बाधित हो रहा है. युवा सिल्क कारोबारी तहसीन सबाब ने बताया कि चुनाव के कारण सिल्क कारोबार के लिए ट्रांसपोर्टिंग में दिक्कत हुई. देश के अलग-अलग हिस्से में मेला व अन्य प्रदर्शनी बंद हो गयी थी. अब बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित है. स्थिति यह है कि घरेलू बाजार में सिल्क, लिनेन व कॉटन कपड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है.

25 हजार से अधिक पावरलूम, हैंडलूम व रंगाई केंद्र पड़ी धीमी

नाथनगर के बुनकर मो मुर्तजा ने बताया कि चुनाव लंबा खींच जाने से कच्चे माल की कमी ने व्यवसायी व बुनकरों की कमर तोड़ दी. अब बिजली संकट से जिले के 25 हजार पावरलूम, हैंडलूम व रंगाई केंद्र की गति धीमी पड़ गयी है. कपड़ा उद्योग से जुड़े 80 हजार से अधिक बुनकरों की हालत खराब है. यहां से मुंबई, दिल्ली व कोलकाता तक कपड़े भेजे जाते हैं.

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