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प्रेक्षागृह को हैंडओवर करने के लिए विभिन्न संगठनों ने किया आंदोलन तेज

Updated at : 20 Nov 2024 9:24 PM (IST)
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प्रेक्षागृह को हैंडओवर करने के लिए विभिन्न संगठनों ने किया आंदोलन तेज

भागलपुर संग्राहालय परिसर स्थित अंग सांस्कृतिक भवन को आधुनिक प्रेक्षागृह बनाने के बाद हैंडओवर करने की मांग को लेकर भागलपुर के अलग-अलग संगठन से जुड़े रंगकर्मियों ने आंदोलन तेज कर दिया है. पहले कला, संस्कृति व युवा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा था, फिर रंग संवाद करके एकजुटता का आह्वान किया और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर सारी स्थिति से अवगत कराया.

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भागलपुर संग्राहालय परिसर स्थित अंग सांस्कृतिक भवन को आधुनिक प्रेक्षागृह बनाने के बाद हैंडओवर करने की मांग को लेकर भागलपुर के अलग-अलग संगठन से जुड़े रंगकर्मियों ने आंदोलन तेज कर दिया है. पहले कला, संस्कृति व युवा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा था, फिर रंग संवाद करके एकजुटता का आह्वान किया और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर सारी स्थिति से अवगत कराया.

दिशा जन सांस्कृतिक मंच के प्रो चंद्रेश, प्रो उदय मिश्रा, संबंध, भागलपुर के रितेश रंजन, इप्टा के संजीव कुमार दीपू आदि ने पत्र में बताया कि 2016 से लगातार संस्कृतिकर्मियों के अथक प्रयास और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेने के बाद भागलपुर संग्राहालय परिसर स्थित गोदाम में तब्दील हो चुके प्रेक्षागृह का नवीकरण और आधुनिकीकरण संभव हो पाया. यह काम जुलाई 2020 से शुरू होकर 2024 में पूरा हो पाया. बीच में ठेकेदार की उदासीनता के कारण कई खामियां रह गयी थी.

ठेकेदार ने प्रकाश और ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए लाइट बूथ और साउंड बूथ का निर्माण ही नहीं किया था. जिससे तत्कालीन कमिश्नर दयानिधान पांडेय को अवगत कराया गया तो उनके हस्तक्षेप के बाद काम पूरा हुआ. अब भी लाइट व साउंट सिस्टम का ट्रायल नहीं हो पाया है.

अब, जब चार-पांच महीने पहले प्रेक्षागृह बनकर तैयार हो गया है तो इसे सौंपने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इस संबंध में हमलोग भागलपुर स्थित बिहार भवन निर्माण निगम के वरीय अधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया है. बता दें कि प्रेक्षागृह के निर्माण में दो करोड़ से ज्यादा की लागत आयी है. वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी प्रो चंद्रेश ने बताया कि इससे पहले जब प्रधान सचिव, कला, संस्कृति व युवा विभाग को पत्र लिखा गया था, तो उनके स्तर पर कोई कारवाई नहीं हुई. आखिरकार मुख्यमंत्री को सारी स्थितियों से अवगत कराया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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