ननिहाल में रह रहे 16 वर्षीय छात्र ने फंदे से लटक कर दी जान, पुलिस अफसर बनने का सपना टूटा

Updated at : 15 May 2024 11:54 PM (IST)
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ननिहाल में रह रहे 16 वर्षीय छात्र ने फंदे से लटक कर दी जान, पुलिस अफसर बनने का सपना टूटा

ननिहाल में रह रहे 16 वर्षीय छात्र ने फंदे से लटक कर दी जान, पुलिस अफसर बनने का सपना टूटा

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= पिछले पांच दिनों में शहरी क्षेत्र में कुल चार आत्महत्या के मामले आये सामने बबरगंज थाना क्षेत्र के सकरुल्लाचक मोहल्ले में अपने ननिहाल में रहने वाले 16 वर्षीय दसवीं कक्षा के छात्र रुपेश कुमार ने फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी. पुलिस अफसर बनने की रुपेश की आश और बेटे को वर्दी में देखने की मां की तमन्ना भी अधूरी रह गयी. घटना के बाद परिजन उसे कमरे में पंखे के हुक से लगे फंदे से उतार कर इलाके के ही एक निजी नर्सिंग होम लेकर गये. जहां मामला पुलिसिया देख चिकित्सक ने परिजनों को रूपेश को लेकर मायागंज अस्पताल जाने की सलाह दी. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जानकारी बबरगंज पुलिस को भी दी गयी. पुलिस पदाधिकारियों ने मृतक छात्र के परिजनों का फर्द बयान दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मौत की खबर मिलने के बाद कहलगांव के एनटीपीसी इलाके के रहने वाले रूपेश के पिता उमेश चौधरी और मां गुड़िया देवी सहित अन्य परिजन भी मायागंज अस्पताल पहुंचे. जहां मृतक की मां बार बार रोते हुए बदहवास हो रही थी. परिजनों ने बताया कि रूपेश अपने तीन भाई और एक बहन में तीसरा संतान था. मृतक की नानी बिमली देवी ने बताया कि रूपेश हर रोज की तरह बुधवार सुबह भी कोचिंग जाने के बाद 9 बजे वापस घर पहुंचा था. जहां वह सत्तू पीकर अपने कमरे में चला गया और कमरे को भीतर से लगा लिया. दोपहर के वक्त खाना खाने के लिए वह जब उसे उठाने के लिए गयी और दरवाजा खटखटाया तो रूपेश ने जवाब नहीं दिया. बगल की खिड़की से झांकने पर उन्होंने देखा कि रूपेश कमरे में पंखे के हुक से लगे फंदे से लटका हुआ है. शोर मचाने पर मृतक के मामा दिलीप चौधरी सहित अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंच गये. दरवाजे को खोल शव को फंदे से उतारा गया और निजी अस्पताल ले जाया गया. घर में चल रहे विवाद को लेकर परेशान और तनाव में था रूपेश मृत रूपेश कुमार के फुफेरे भाई राजा ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही रूपेश अपने कहलगांव स्थित पिता के घर से वापस ननिहाल आया था. वहां से लौटने के बाद वह काफी परेशान था. और हमेशा कमरे में अकेला ही रहना चाहता था. विगत कुछ दिनों से रूपेश ने बातचीत करना भी कम कर दिया था. पिता व अन्य परिजनों ने बताया कि उसके घर में चल रहे गोतियारी विवाद को लेकर रूपेश को उन लोगोंं ने दो साल पहले ही उसके ननिहाल भेज दिया था. इसको लेकर वह काफी तनाव में भी रहता था.

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