TMBU. संबद्ध कॉलेजों में वाेकेशनल काेर्स शुरू करने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

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TMBU. संबद्ध कॉलेजों में वाेकेशनल काेर्स शुरू करने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

वोकेशनल कोर्स के प्रस्ताव को मिली मंजूरी.

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टीएमबीयू. एकेडमिक काउंसिल की हाईब्रिड माेड में हुई बैठक

टीएमबीयू एकेडमिक काउंसिल की प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में सोमवार को हाईब्रिड माेड में बैठक हुई. सर्वसम्मति से वाेकेशनल काेर्स शुरू करने का प्रस्ताव देने वाले काॅलेजाें काे मंजूरी प्रदान की गयी. इसके अलावा कई एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गयी. बताया जा रहा है कि डीएनएस काॅलेज भूसिया रजाैन, बीएलएस काॅलेज नवगछिया, एसएसपीएस कालेज शंभुगंज सहित अन्य काॅलेजाें ने बीसीए, बीबीए व लाइब्रेरी साइंस कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव दिया था. डीएनएस काॅलेज ने एंथ्राेपाेलाॅजी की पढ़ाई का भी प्रस्ताव दिया था. एलएनबीजे काॅलेज भ्रमरपुर ने बीसीए व बीबीए का प्रस्ताव दिया था. वहीं, बीएन कॉलेज में एईडीपी कोर्स शुरू करने के लिए अनुमति प्रदान कर दी गयी. संभवत: सत्र 2026 से कोर्स शुरू किया जा सकता है.सदन में निर्णय लिया गया कि जिन अंगीभूत काॅलेजाें में पहले से पीजी की पढ़ाई हाे रही. वहां से नये विषय की पढ़ाई का प्रस्ताव है, ताे काॅलेज इसे शुरू कर सकते हैं. नये काॅलेजाें में पीजी की पढ़ाई काे लेकर संसाधन पर चर्चा हुई. विशेष रूप से संबद्ध काॅलेजाें काे लेकर प्रावधान की जानकारी लेने का निर्णय लिया. बता दें कि वर्तमान में टीएनबी कॉलेज, मारवाड़ी काॅलेज व एसएम काॅलेज में पीजी की पढ़ाई हाे रही है.

होमसाइंस फूड एंड न्यूट्रिशन संकाय के बदलाव पर नहीं बनी सहमति

बैठक में पीजी हाेमसाइंस, फूड एंड न्यूट्रिशन के संकाय के बदलाव पर सहमति नहीं बन पायी. रजिस्ट्रार प्राे रामाशीष पूर्वे ने कहा कि विभाग की हेड ने इसकी डिग्री सामाजिक विज्ञान संकाय के तहत देने का प्रस्ताव दिया था. साथ में पटना विवि के सिलेबस व रेगुलेशन का हवाला भी दिया था. लेकिन प्रभारी कुलपति ने कहा कि काेर्स के साथ फूड एंड न्यू्ट्रिशन जुड़ा है. ऐसे में आर्ट्स के छात्राें काे आर्ट्स व साइंस के छात्राें काे साइंस की डिग्री दी जा सकती है, लेकिन बात नहीं बनी. प्रभारी कुलपति ने हेड से कहा कि वे सामाजिक विज्ञान के लिए तर्क प्रस्तुत करें. लेकिन तर्क नहीं दे पायी. अब अगली बैठक में चर्चा हाेगी. वहीं, पीजी इतिहास विभाग की हेड प्राे अर्चना साह ने अपनी मां के नाम से इतिहास विभाग के टाॅपर काे स्मृति पदक के रूप में स्वर्ण पदक देने का प्रस्ताव को रखा. लेकिन पत्र में कुछ त्रुटि रहने के कारण उसे सुधारने का निर्देश दिया गया.

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काली किंकर मिश्रा

लेखक के बारे में

By काली किंकर मिश्रा

काली किंकर मिश्रा प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से अधिक समय से व डिजिटल माध्यम में पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अमर उजाला, दैनिक जागरण के बाद फिलहाल प्रभात खबर भागलपुर कार्यालय में कार्यरत हैं. दिल्ली, पंजाब, झारखंड में पत्रकारिता कर चुके हैं.

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