ePaper

सैंडिंस कंपाउंड : एजेंसी के साथ मेंटनेंस का करार दिसंबर तक ही, दो साल से सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन लंबित

Updated at : 14 Jul 2025 10:46 PM (IST)
विज्ञापन
सैंडिंस कंपाउंड : एजेंसी के साथ मेंटनेंस का करार दिसंबर तक ही, दो साल से सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन लंबित

सैंडिस कंपाउंड का डिफेक्ट लैबलिटी पीरियड(डीएलपी) समाप्त हो चुका है. अब दिसंबर में एजेंसी के साथ मेंटेनेंस का करार भी समाप्त हो जायेगा.

विज्ञापन

सैंडिस कंपाउंड का डिफेक्ट लैबलिटी पीरियड(डीएलपी) समाप्त हो चुका है. अब दिसंबर में एजेंसी के साथ मेंटेनेंस का करार भी समाप्त हो जायेगा. इसके बाद जो थोड़े-बहुत मरम्मत कार्य अभी चल रहे हैं, वे भी बंद हो जायेंगे. बावजूद, इसके स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा गठित भागलपुर स्मार्ट सिटी सोसाइटी का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है.

यह सोसाइटी लगभग दो साल पहले 03 अगस्त 2023 को गठित की गयी थी. इसमें नगर विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) के प्रभारी सचिव को अध्यक्ष नामित किया गया है. साथ ही जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, मेयर और नगर आयुक्त को सदस्य बनाया गया है. लेकिन, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की गयी है. किसी भी सोसाइटी का संचालन तब तक संभव नहीं होता, जब तक उसका विधिवत रजिस्ट्रेशन नहीं हो जाये. यदि समय रहते रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया, तो मेंटेनेंस पीरियड समाप्त होने के बाद मूलभूत सुविधाओं पर असर पड़ सकता है. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित रह गयी है.

———————–

59.48 करोड़ की चार योजनाओं का फिलहाल नहीं मिल रहा लाभ

स्मार्ट सिटी की चार योजनाओं पर 59.48 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इस समय आम लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है. इन अनुपयोगी योजनाओं में नाइट शेल्टर, सैंडिस कंपाउंड, स्मार्ट टॉयलेट और ट्रैफिक लाइट (आईट्रिपलसी का हिस्सा) शामिल है. स्मार्ट सिटी की कुल 20 योजनाओं में से दो अन्य अधर में लटकी हुई हैं. इस वजह से अभी सिर्फ 15 बुनियादी ढांचा से जुड़ी योजनाएं ही लोगों के लिए उपयोगी हैं.

वर्तमान में अनुपयोगी रहने वाली योजनाओं की लागत

नाइट शेल्डर : 4.83 करोड़ रुपये

सैंडिस कंपाउंड: 44.60 करोड़ रुपये

स्मार्ट टाॅयलेट: 3.63 करोड़ रुपये

ट्रैफिक लाइट: 6.42 करोड़ रुपये(कंट्रोट एंड कमांड सेंटर योजना का हिस्सा)

209.67 करोड़ की दो योजनाएं अधर में, दिसंबर तक पूरा करना चुनौती

स्मार्ट सिटी दो बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाएं वर्षों से अधर में लटकी हैं. इसमें रिवर फ्रंट डेवलपमेंट 169.25 करोड़ एवं भैरवा तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य 40.42 करोड़ की राशि की है. गंगा में बढ़ते जलस्तर की वजह से इसके पूरा होने में देरी हो सकती है. भैरवा तालाब के कार्य शुरू होने की अभी कोई गुंजाइश नहीं है. जबकि दिसंबर तक पूरा करने का डेडलाइन है.

अभी सिर्फ सैंडिस कंपाउंड का मेंटेनेंस पीरियड दिसंबर में पूरा होने जा रहा है. गठित सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है. रीवर फ्रंट डेवलपमेंट का कार्य इस माह में पूरा हो जायेगा. भैरवा तालाब के लिए एजेंसी को नोटिस दी गयी है. जल्द ही एक बैठक भी होने जा रही है.

पंकज कुमार, पीआरओ

स्मार्ट सिटी लिमिटेड, भागलपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
NISHI RANJAN THAKUR

लेखक के बारे में

By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन