अव्यवहारिक वृद्धि से उद्योग-व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा

Updated at : 16 Jun 2024 9:36 PM (IST)
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अव्यवहारिक वृद्धि से उद्योग-व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा

नगर निगम की ओर से गैर आवासीय संपत्ति कर में तीन गुना तक वृद्धि अव्यवहारिक है. इससे क्षेत्र के उद्योग व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और छोटे व्यापारी अपनी दुकान बंद करने को विवश हो जायेंगे.

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नगर निगम की ओर से गैर आवासीय संपत्ति कर में तीन गुना तक वृद्धि अव्यवहारिक है. इससे क्षेत्र के उद्योग व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और छोटे व्यापारी अपनी दुकान बंद करने को विवश हो जायेंगे. उक्त बातें क्रेडाई के अध्यक्ष सह एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कही. मौका था रविवार को बीपी लॉ कार्यालय में इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से नगर निगम द्वारा गैर आवासीय संपत्ति कर में तीन गुना तक वृद्धि के विरोध में बैठक का. बैठक में इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, क्रेडाई बिल्डर एसोसिएशन आदि के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. एक स्वर में वृद्धि का विरोध किया. इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि होटल, विवाह भवन, बैंक, नर्सिंग होम आदि पर वर्तमान दर से तीन गुना, उद्योग, गोदाम आदि पर दो गुना, शोरूम, सिनेमा, मॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग आदि पर डेढ़ गुना बढोतरी की गयी, जो किसी भी तरह से व्यावहारिक नहीं है. चेंबर के अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया ने कहा कि यह आमजन तथा व्यवसायियों पर सरकार द्वारा बड़ा कुठाराघात है, जिसका विरोध हर स्तर पर किया जायेगा.

आईएमए के अध्यक्ष डॉ सोमेन चटर्जी ने कहा कि ऐसे किसी बढ़ोतरी से पहले सरकार को सभी क्षेत्र के जानकारों से विचार विमर्श करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से आमजन की कठिनाई बढ़ेगी. विनीत ढानढनिया ने कहा कि किराये पर पहले से चल रहे संस्थानों पर ऐसी वृद्धि से जमीन मालिक के साथ कानूनी विवाद बढ़ेंगे. चेंबर के वरिष्ठ सदस्य रमण साह ने कहा कि यह बगैर सोची समझी वृद्धि है. कई विसंगतियां है. जिसमें सुधार की जरूरत है. इबिया के महासचिव राजीव प्रदीप, अधिवक्ता सुनील कुमार ने भी विरोध जताया. बैठक में यह तय किया गया कि सर्वप्रथम नगर आयुक्त को इस वृद्धि को वापस लेने के लिए पत्र लिखा जायेगा. इसकी प्रति सभी जन प्रतिनिधियों को दिया जायेगा. आरटीआई के तहत ऐसी अप्रत्याशित वृद्धि की सभी जानकारी मांगी जायेगी और फिर पटना हाई कोर्ट में इसके विरोध में रिट दाखिल किया जायेगा. प्रदेश के सभी चेंबर तथा व्यवसायिक संगठनों को भी इस मुहिम में जोड़ा जायेगा. इस मौके पर रूपेश बैद, एसजे वेदांत आदि उपस्थित थे.

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