Bhagalpur news प्रभु से सच्चा प्रेम है, तो भगवान सदा उसके हृदय में रहते हैं : देवी रश्मि किशोरी

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Bhagalpur news प्रभु से सच्चा प्रेम है, तो भगवान सदा उसके हृदय में रहते हैं : देवी रश्मि किशोरी

नंदलालपुर स्थित चैती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण व विष्णु महायज्ञ के पांचवें दिन देवी रश्मि किशोरी ने कथा वाचन में भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया.

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कहलगांव प्रखंड के नंदलालपुर स्थित चैती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण व विष्णु महायज्ञ के पांचवें दिन देवी रश्मि किशोरी ने कथा वाचन में भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया. वेदव्यास भगवान के बारे में बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण का अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र के तृतीय चरण में जयंती योग में मध्य रात्रि में प्राकट्य हुआ. देवकी और वासुदेव कांस्य के कारागृह में बंद थे. भगवान की कृपा से बंधन टूट गये और द्वार खुल गये. मां यमुना का उद्धार कर भगवान वासुदेव जी के साथ गोकुल पधारे. उन्होंने कहा कि ईश्वर प्रेम के वश में होते हैं. प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा. अपना मान भले टल जाये, लेकिन भक्ति का मान करते देखा. उन्होंने पूतना, सकत, तृरनाव्रत का वध, बंसी वादन, माखन चोरी, वस्त्रहरण व गोवर्धन लीला की. प्रेम में भगवान यशोदा मां के आंगन में नाचते हैं. मां यशोदा डांटती है, तो भगवान रूदन करते हैं. यह प्रेम ही तो है. जिसके जीवन में, मन में, हृदय में प्रभु के लिए सच्चा प्रेम है, तो भगवान सदा उसके हृदय में बास करते हैं. कथा का श्रावण करने आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य, पूर्व जिप सदस्य रिंकी सिन्हा, आप नेता चीकू रघुवंशी, शिव नंदन शर्मा, दिवाकर सिन्हा, कन्हैया लाल यादव, गौतम कुमार, मोनू पांडे, गोपाल साह, दीपक कुमार, सूरज जायसवाल, भावेश चंद्र सिन्हा सहित ग्रामीण उपस्थित थे.

राम कथा में भगवान राम के बाल लीलाओं का वर्णन

जगदीशपुर प्रखंड के सैनो गांव स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में रामकथा के दौरान गुरुवार को स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने भगवान राम के लीलाओं का वर्णन किया. उन्होंने कथा के माध्यम से विश्वामित्र जी द्वारा श्री राम व लक्ष्मण को लेकर वन जाने तथा भगवान राम द्वारा ताड़का और अन्य राक्षसों का वध कर विश्वामित्र के यज्ञ को संपन्न करवाने का प्रसंग सुनाया. स्वामी जी ने राम को सत्य और ज्ञान का प्रतीक व लक्ष्मण को त्याग और विवेक का प्रतीक बताया. स्वामी जी ने भक्तों से कहा कि जीवन रूपी यज्ञ को सफल बनाने के लिए हमारे जीवन में सत्य, ज्ञान और त्याग की भावना का होना जरूरी है. स्वामी जी ने गौतम व अहिल्या प्रसंग तथा श्री राम विवाह का प्रसंग सुनाया. इस दौरान आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गयी. ग्रामीणों ने बताया कि यहां लगातार 15 वर्षो से रामकथा का आयोजन होता आ रहा है. मौके पर शंकर मंडल, प्रभाकर मंडल, अरविंद मंडल, प्रेम बाबा, रणवीर, पारस सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

परमात्मा परम सत्य है नहीं होता है उनका नाश : ब्रज प्रिया

शाहकुंड जगरिया पंचायत के माणिकपुर गांव में आयोजित भागवत कथा के पांचवें दिन वृदांवन से पधारी कथा वाचिका ब्रज प्रिया किशोरी जी ने भगवान कृष्ण के बाल काल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है. संसार में कोई वस्तु भगवान से अलग नहीं है. संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश नहीं होता है. कथा वाचिका ने कहा कि भगवान कृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन की चोरी की. प्रभु कृष्ण हमें बताना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा ही है. कथा को सुनने के लिए आसपास के गांवों के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है.

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Jitendra Tomar

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