नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित कहुआ के पेड़ के नीचे गिर कर सैकड़ों कौआ की मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गयी. एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में मृत कौआ देखकर लोग सहम गये. मार्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोगों की नजर पेड़ के नीचे पड़े मृत कौआ पर पड़ी. देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गयी और बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगीं. स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी. मौके पर मौजूद ट्रेनर प्रभा कुमार ने बताया कि जब वह सुबह वहां पहुंचे, तो देखा कि पेड़ के नीचे सौ से अधिक कौआ मृत पड़े थे, जबकि कई कौआ मरनासन्न स्थिति में थे. कुछ कौआ को स्थानीय स्तर पर आग लगा कर सेका भी गया. घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत कौआ को उठा कर अपने साथ ले गयी. बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. पक्षी विशेषज्ञ ज्ञानचंद ज्ञानू ने बताया कि कौआ हमारे पर्यावरण के सफाईकर्मी होते हैं. वह आसपास की गंदगी को साफ कर पर्यावरण संतुलन बनाये रखते हैं. ठंड के मौसम में कीड़े-मकोड़े कम निकलते हैं, जिस कारण कौआ अपने भोजन के लिए मनुष्यों के फेंके गये कचरे पर निर्भर हो जाते हैं. वर्तमान समय में कचरा पूरी तरह रसायनिक हो चुका है. कौआ मक्का और गेहूं के बीज भी खाते हैं, जो रसायनों से युक्त होते हैं. ठंड के मौसम में भोजन और पानी की कमी से कौआ के शरीर में ऊर्जा और पानी की कमी हो जाती है, जिससे एक साथ काफी संख्या में उनकी मौत हो सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी संक्रमण या बर्ड फ्लू के कारण नहीं, बल्कि ठंड, भूख और पानी की कमी से हुई प्रतीत होती है. जिला वन पदाधिकारी आशुतोष राज ने बताया कि वनरक्षी को घटना की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही वनरक्षी मौके पर पहुंचा और मृत कौआ को एकत्र कर विभागीय प्रक्रिया के तहत ले आया. जांच के बाद मृत कौआ को सुरक्षित तरीके से डिस्पोजल किया जायेगा. मामले की जांच के लिए वन विभाग के चिकित्सक और पशुपालन विभाग के चिकित्सक को घटनास्थल पर भेजा गया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ अंजनी ने बताया कि ठंड के मौसम में कौआ की मौत की संख्या में वृद्धि देखी जाती है. वन विभाग के पोल्ट्री पदाधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंच कर जायजा लिया और सैंपल कलेक्ट किया है. मृत कौआ की सीरम जांच के लिए पटना भेजा जायेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. हालांकि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि ठंड से ही कौआ की मौत हुई है. फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग मामले पर नजर बनाये हुए हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
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