डेंजर लेबल की ओर बढ़ रही गंगा, कटाव की आशंका से लोग भयभीत

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भागलपुर: गंगा का जलस्तर डेंजर लेबल की ओर तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में 17 सेमी वृद्धि के साथ जलस्तर 29.82 मीटर पर पहुंच गया है. डेंजर लेबल से यह अब महज 3.86 मीटर नीचे रह गयी है. जिस तेजी से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे अनुमान है कि कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर डेंजर लेबल तक पहुंच जायेगा. अभी से ही गंगा के तटबंधों पर पानी का दबाव बनने लगा है.

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भागलपुर: गंगा का जलस्तर डेंजर लेबल की ओर तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में 17 सेमी वृद्धि के साथ जलस्तर 29.82 मीटर पर पहुंच गया है. डेंजर लेबल से यह अब महज 3.86 मीटर नीचे रह गयी है. जिस तेजी से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे अनुमान है कि कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर डेंजर लेबल तक पहुंच जायेगा. अभी से ही गंगा के तटबंधों पर पानी का दबाव बनने लगा है.

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किनारे पर बसे लोग परेशान

जलस्तर में वृद्धि से कटाव की भी आशंका बनी हुई है और किनारे पर बसे लोग परेशान हैं.लोगों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रही, तो कई जगहों पर कटाव शुरू हो जायेगा. पिछले साल कराये गये कटाव निरोधी कार्य एवं जिओ बैग कटकर गंगा में समा चुके हैं.लोगों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रही, तो कई जगहों पर कटाव शुरू हो जायेगा. पिछले साल कराये गये कटाव निरोधी कार्य एवं जिओ बैग कटकर गंगा में समा चुके हैं.

2016 में सर्वाधिक जलस्तर वृद्धि का बना था रिकॉर्ड

2016 में गंगा में जलस्तर की वृद्धि का रिकॉर्ड बना था. तब जलस्तर डेंजर लेबल को पार कर गंगा 34.72 मीटर पर पहुंच गयी थी. गंगा खतरे के निशान से 1.04 मीटर ऊपर हो गयी थी और निचले इलाकों में पानी भर गया था. बाढ़ विस्थापित परिवारों को कई महीनों तक ऊंचे स्थानों व राहत शिविर में रातें गुजरानी पड़ी.

टपुआ में पूरा नहीं हो सका कटाव निरोधी कार्य, दहशत में ग्रामीण

टपुआ में कटाव निरोधी कार्य पूरा नहीं हो सका. हालांकि, काम शुरू कराया गया था, जिसे मई तक में ही पूरा करना था. काम पूरा नहीं होने से तटबंधों के सुरक्षित होने का दावा लगभग फेल साबित होने लगा है. गांव पर भी गंगा में समाने का खतरा बढ़ गया है. जिस तरह से रानी दियारा गंगा में समा गया है, ठीक टपुआ गांव भी गंगा में समा सकता है. कटाव निरोधी कार्य समय पर क्यों नहीं पूरा हुआ, यह जानने के लिए बाढ़ नियंत्रण कार्य प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता रमेश कुमार से बात करने की कोशिश की गयी मगर, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया गया.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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