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Bhagalpur news बाढ़ से एक ही फसल लगा पाते हैं हजारों किसान

Updated at : 12 Jan 2026 1:24 AM (IST)
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Bhagalpur news बाढ़ से एक ही फसल लगा पाते हैं हजारों किसान

असियाचक पंचायत के मंझली और हथियौक मौजा के किसान सिर्फ रबी फसल का ही उत्पादन कर पाते हैं.

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असियाचक पंचायत के मंझली और हथियौक मौजा के किसान सिर्फ रबी फसल का ही उत्पादन कर पाते हैं. खरीफ में धान फसल हर साल पानी में डूब जाती है. प्रभात खबर से बातचीत में किसानों का कहना है कि बबूरिया रिंग बांध का पुनर्निर्माण हो जाए, तो खेती की तस्वीर बदल सकती है. दो सीजन में फसल उत्पादन संभव होगा. अनाज की पैदावार बढ़ेगी और किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे. ग्रामीणों के अनुसार स्वतंत्र भारत के पहले मुखिया रामानाथ मंडल के कार्यकाल में इस रिंग बांध का निर्माण हुआ था. वर्ष 1993-94 में इसका जीर्णोद्धार हुआ, लेकिन लगातार बाढ़ की मार ने बांध को जर्जर बना दिया. आज हजारों किसान एक ही फसल लगा पाते हैं. लगभग 500 एकड़ जमीन में उगायी जायेगी दो फसल किसान रविशंकर गोस्वामी, शालीग्राम मोदी, सूरज मंडल, अरविंद कुमार मंडल, सुनील मंडल, रिंटू कुमार मंडल और भोला मंडल बताते हैं कि बाढ़ के समय धान की फसल पूरी तरह डूब जाती है. किसानों का दावा है कि यदि बबूरिया रिंग बांध का पुनर्निर्माण हो जाए, तो लगभग 500 एकड़ जमीन में दो फसल उगायी जा सकेंगी. पूरा इलाका कृषि के लिहाज से समृद्ध हो सकेगा. जदयू नेता संजीव कुमार ने कहा कि रिंग बांध बनने से हजारों किसानों को अनाज उत्पादन में बड़ा लाभ होगा. प्रखंड बीस सूत्री सदस्य मिथिलेश चंद्रवंशी ने कहा कि बांध के पुनर्निर्माण से किसान अधिक उत्पादन कर आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे और तीन महीने तक बाढ़ से होने वाली तबाही पर रोक लगेगी. विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने बताया कि बबूरिया रिंग बांध 1970 से पहले अस्तित्व में था, जो समय के साथ पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो गया. बांध के क्षतिग्रस्त होने से मंझली बांध और कटारीडिह मंझली गांव के बीच बाढ़ के समय पानी ओवरफ्लो होकर असियाचक, हथियौक, नोनसर, कटहरा सहित कई गांवों में फैल जाता है. इससे खेती व जनजीवन प्रभावित होता है. रिंग बांध के पुनर्निर्माण से लगभग 500 एकड़ कृषि भूमि सुरक्षित होगी और प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना के लिए भी यह बांध बेहद उपयोगी साबित होगा. बबूरिया रिंग बांध पुनर्निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री से मिले विधायक बाढ़ से हर साल तबाही झेल रहे सुलतानगंज प्रखंड के असियाचक पंचायत अंतर्गत मंझली व आसपास के इलाकों के किसानों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है. सुलतानगंज विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बबूरिया रिंग बांध के पुनर्निर्माण को लेकर आवेदन सौंपा है. मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री को आवश्यक निर्देश दिया है, जिसके बाद जल संसाधन मंत्री ने हर संभव पहल करने का आश्वासन दिया है. विधायक ने बताया कि बबूरिया रिंग बांध के पुनर्निर्माण से लगभग चार हजार की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि बाढ़ की त्रासदी से सुरक्षित हो सकेगी. विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बबूरिया रिंग बांध के जीर्ण-शीर्ण होने से मंझली गांव समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी सीधे प्रवेश कर जाता है. रिंग बांध का पुनर्निर्माण कराया जाए, तो न सिर्फ गांव की आबादी सुरक्षित होगी, बल्कि हजारों एकड़ में होने वाली फसल की वार्षिक बर्बादी को रोका जा सकेगा. मुख्यमंत्री स्तर से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है कि जल्द ही बबूरिया रिंग बांध का पुनर्निर्माण शुरू होगा और वर्षों से चली आ रही बाढ़ की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JITENDRA TOMAR

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