मुर्गियाचक पहुंची पशुपालन विभाग की टीम, लिया सैंपल

Updated at : 03 Jan 2019 7:12 AM (IST)
विज्ञापन
मुर्गियाचक पहुंची पशुपालन विभाग की टीम, लिया सैंपल

सन्हौला : सन्हौला प्रखंड के कई गांवों में लगातार मुर्गियों व बतखाें के मरने की खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद बुधवार को जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम सबसे अधिक प्रभावित गांव मुर्गियाचक पहुंची. टीम ने वहां मुर्गियों व बतखों की जांच की. गांव के मो रफीक, […]

विज्ञापन
सन्हौला : सन्हौला प्रखंड के कई गांवों में लगातार मुर्गियों व बतखाें के मरने की खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद बुधवार को जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम सबसे अधिक प्रभावित गांव मुर्गियाचक पहुंची. टीम ने वहां मुर्गियों व बतखों की जांच की.
गांव के मो रफीक, जेबुन निशा, मो इदरीश, नुरेशा व मो शब्बीर की मुर्गियों के खून व स्टूल के सैंपल लिये. जांच टीम में बागबाड़ी, भागलपुर के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुभाष चंद्र हिंदुस्तानी, गोराडीह के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार व सन्हौला के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संतोष तिवारी थे.
कहते हैं डॉक्टर
जांच टीम के तीनों डॉक्टरों ने बताया कि मुर्गियों के मरने का कारण जाने के लिए चार मुर्गियों का ब्लड सेंपल व स्टूल का स्राव लिया गया है, जिसे जांच के लिए पटना भेजा जायेगा. अभी तक के जो लक्षण मिले हैं, उनके अनुसार मुर्गियों को रानीखेत, गंबोर डिजिट, एवीएन इन्फ्लुएंजा व कुछ अन्य बीमारियां हो सकती हैं. यदि बर्ड फ्लू पाया गया तो उपचार संभव नहीं होगा.
कहते हैं ग्रामीण
मुर्गीयचक के मो फैयाज, मो सज्जाद, मो अयूब, मो इस्राइल, मो साबिर, मो तैयफ, मो सब्बीर, मो जमील व मो सिद्दीक ने बताया कि अचानक मुर्गी बीमार हो जाती है और चूना जैसा स्टूल होने लगता है. कुछ ही दिन में उनके फूल में कालापन और मुंह में सूजन आ जाता है.
फिर कुछ देर में उनकी मौत हो जाती है. जांच के दौरान पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अनुज झा ने टीम से कहा कि अन्य गांवों में भी इस तरह की बीमारी फैलने की शिकायत है.
रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग पहल करे और पशु अस्पताल से दवा भी वितरित की जाये. मौके पर वार्ड सदस्य मो इजराइल, जैनुल अंसार, मो सलीम, सज्जाद, फैयाज व ग्रामीण मौजूद थे.
बर्ड फ्लू : मिला मरा कौआ, शहर में दहशत
भागलपुर : जिले में लगातार कौआ मरने से बर्ड फ्लू का दहशत है. हालांकि पशुपालन विभाग ने कौआ मरने का कारण ठंड बताया है और लोगों को बर्ड फ्लू फैलने की आशंका नहीं करने को लेकर आश्वस्त किया है.
जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत जीरोमाइल गंगा विहार में दो कौआ के मरने का मामला प्रकाश में आया था. इसे लेकर पशुपालन विभाग की जांच टीम ने पहुंच कर मरे कौआ को कलेक्ट कर सैंपल पटना भेजा था. इसके दो दिन बाद गोशाला परिसर में कौआ मरा था.
इसकी जांच खुद जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ राजेंद्र कुमार ने पहुंच कर की थी. यहां पर लोगों ने ठंड से कौआ के मरने की बात कही थी. नववर्ष पर सैंडिस कंपाउंड में दो कौआ मरा दिखा, तो लोगों ने इसे बर्ड फ्लू का लक्षण मान कर चिंता जतायी.
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ राजेंद्र कुमार ने बताया कि कौआ ठंड के दिनों मरता है. मौसम के बार-बार बदलने से कौआ खुद को अनुकूलित नहीं कर पा रहे हैं. बर्ड फ्लू का लक्षण होता, तो जरूर भोपाल व कोलकाता से रिपोर्ट आ गयी होती.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन