थोड़ी हुई सफाई, पर बहुत काम बाकी है
Updated at : 23 Oct 2018 7:22 AM (IST)
विज्ञापन

भागलपुर : शनिवार देर रात तक मायागंज स्थित विसर्जन घाट में 30 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन गंगा नदी में किया गया. विसर्जन कार्यक्रम को खत्म हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद अबतक विसर्जन घाट की साफ सफाई पूरी नहीं हो पायी है. नगर निगम ने घाट की सफाई की कोशिश […]
विज्ञापन
भागलपुर : शनिवार देर रात तक मायागंज स्थित विसर्जन घाट में 30 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन गंगा नदी में किया गया. विसर्जन कार्यक्रम को खत्म हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद अबतक विसर्जन घाट की साफ सफाई पूरी नहीं हो पायी है. नगर निगम ने घाट की सफाई की कोशिश की. लेकिन सफाई का काम थोड़ा हुआ है, जबकि घाट को स्वच्छ करने का बहुत काम बाकी है.
सोमवार को प्रभात खबर में प्रकाशित खबर को लेकर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ. साफ सफाई की खानापूर्ति कर सफाई कर्मी वहां से निकल लिये. विसर्जन घाट के जिस स्थान पर मूर्तियों का विसर्जन हुआ. वहां पर मूर्तियों के अवशेष को हटाया गया. जबकि घाट के अन्य हिस्से में स्थिति जस की तस है. घाट के चारों ओर पॉलीथिन, पूजन सामग्री, थर्मोकॉल व अन्य हानिकारक अवशिष्ट बिखरे पड़े हैं.
शहर में भी गंदगी : शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार अभी भी है. सीएमएस स्कूल के कैंपस सहित अन्य इलाकों में कचरा के कारण लोगों को दिक्कत हो रही है.
पशुपालकों से परेशानी : गंगा में पशुपालकों द्वारा पशुअों को छोड़ देने के कारण जहां गंगा गंदी हो रही, वहीं सब घाट भी खतरनाक हो रहे हैं. लोगों ने इससे मुक्ति की मांग की है.
पॉलीथिन में हवन सामग्री डाल फेंक रहे गंगा में : गंगा नदी को साफ रखने की कोशिशों को लेकर शहर के आमलोगों का भी सहयोग नहीं मिल रहा है. लोग अवशेष को पॉलीथिन व प्लास्टिक की बोरियों में डाल कर नदी किनारे फेंकने पहुंच रहे हैं. सोमवार को यह नजारा दिनभर विसर्जन घाट, बूढ़ानाथ घाट समेत अन्य घाटों पर देखने को मिला. नदी किनारे स्थित कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि फल, फूल, राख जैसे अवशिष्ट नदी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. लेकिन इसके साथ प्लास्टिक मिलाकर फेंकने से पानी जहरीला हो रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




