भागलपुर में भी नहीं आयेगी आंध्र प्रदेश की मछलियां
Updated at : 02 Oct 2018 7:43 AM (IST)
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भागलपुर : प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न स्थानों पर आने वाली आंध्र प्रदेश की मछली पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा शुरू होने के बाद भागलपुर के मछली कारोबारियों ने भी आंध्र प्रदेश की मछली को फिलहाल न मंगाने का निर्णय लिया है. हालांकि बरसात के दिनों में आंध्र प्रदेश की मछली पहले भी नहीं […]
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भागलपुर : प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न स्थानों पर आने वाली आंध्र प्रदेश की मछली पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा शुरू होने के बाद भागलपुर के मछली कारोबारियों ने भी आंध्र प्रदेश की मछली को फिलहाल न मंगाने का निर्णय लिया है. हालांकि बरसात के दिनों में आंध्र प्रदेश की मछली पहले भी नहीं आती थी. दरअसल बरसात में स्थानीय ताजी मछलियां ही सस्ते भाव पर उपलब्ध है.
मछली कारोबारियों की मानें तो सामान्य दिनों में सप्ताह में चार दिन 48-48 कार्टून मछली आती थी. एक कार्टून में 40 किलो मछली रहती है. इनमें ज्यादातर रेहू व सीलन मछली रहती थी. ये मछलियां 90 से 130 रुपये प्रति किलो मछलियां मिलती हैं, जबकि लोकल मछलियां 200 से लेकर 400 रुपये किलो तक के भाव पर बिकती हैं.
मछली कारोबारी राजीव साह ने बताया कि हरेक साल बरसात में गंगा की ताजी मछलियां ही 30 से 200 रुपये किलो मछली उपलब्ध हो जाती हैं. अधिकतर लोग सस्ती ताजी मछलियां खरीदते हैं. पहले से ही मछली आनी बंद हो गयी हैं. फिर भी आंध्र प्रदेश की मछली का खतरा समाप्त नहीं हो जायेगा, तब तक नहीं मंगाया जायेगा.
धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जब मछली के खाने से स्वास्थ्य खराब होगा, तो इसे क्यों मंगाया जायेगा. बर्फ वाली मछली को अब पूरी तरह से बंद कर दिया जायेगा. आंध्र प्रदेश की मछली पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा मछली पट्टी में पहले से ही चल रही है.
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