bhagalpur news. इंजीनियर देवनन्दन सिंह के पैतृक आवास पर छाया मातम, शव की अंतिम दर्शन की लगा रहे कयास

Updated at : 14 Mar 2026 1:20 AM (IST)
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bhagalpur news. इंजीनियर देवनन्दन सिंह के पैतृक आवास पर छाया मातम, शव की अंतिम दर्शन की लगा रहे कयास

सन्हौला प्रखंड क्षेत्र के रानी बमिया गांव निवासी मरिन इंजीनियर देवनंदन सिंह की मौत के बाद उनके पैतृक गांव में शोक छाया हुआ है

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सन्हौला प्रखंड क्षेत्र के रानी बमिया गांव निवासी मरिन इंजीनियर देवनंदन सिंह की मौत के बाद उनके पैतृक गांव में शोक छाया हुआ है. गांव के लोग खबर सुनकर स्तब्ध रह गए. गांव-गोतिया के लोग, औरतें दरवाजे पर शोकाकुल बैठी हैं. गांव में नौ दिवसीय महारुद्र यज्ञ में लोगों की उदासी नजर छाई रही. पूरे गांव और अगल-बगल गांव के लोग भी पार्थिव शरीर के आने के कयास लगाए हुए हैं. मृतक का पूरा परिवार भागलपुर व मुंबई में रहता है. घटना की खबर सुनकर सभी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. उनकी बहन मंजू देवी अपने पति पवन कापरी के साथ उसके घर पर बाल बच्चों के साथ रहती है और वहीं खेती-किसानी का काम देखते हैं. मृतक के पिता सरयुग सिंह की अच्छी खेती बारी थी. वो एक अच्छे किसान थे. डेढ़ साल पूर्व उनका देहांत हो गया था. देवनंदन सिंह उर्फ पप्पू दो भाई में बड़े थे उनका छोटा भाई कृष्ण नंदन सिंह उर्फ लालू सिंह अपनी माता के साथ भागलपुर में रहकर प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं. मृतक की भगिनी निकेता कुमारी ने बताया कि मामा की प्रारंभिक शिक्षा बगल के छटपटिया विद्यालय में हुई थी. इसके बाद माध्यमिक शिक्षा सीएमएस स्कूल भागलपुर से हुई. फिर सिंदरी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. कृष्णनंदन सिंह ने गुरुवार के दोपहर मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. बताया कि रात में ढाई बजे फोन पर बड़े भाई से फोन पर बात हुई थी. स्थानीय पैक्स अध्यक्ष सुमन सिंह और स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक मनोज सिंह, मदन सिंह, निरंजन कुमार सिंह, अनिल सिंह, कमल कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि गांव के पुराने लोग चर्चा करते हैं कि बचपन से ही होनहार होने के कारण वो पढ़ने में कभी पीछे नहीं रहे. अपने पिता के श्राद्ध में ढाई साल पूर्व घर आए थे. इतना ही नहीं जब कभी भी घर आते थे ग्रामीणों से मिलकर खूब हंसी मजाक करते थे. उनके द्वारा गांव में बनाया गया हनुमान मंदिर उनकी निशानी रह गई है. उनके परिजनों का कहना है कि उनके लाश को गांव लाना चाहिए और यहीं उनका संस्कार होना चाहिए. इसके लिए कंपनी और भारत सरकार से बात की जा रही है.

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ATUL KUMAR

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