48 घंटे बाद राइस मिल की जांच, 17 बोरा चावल बरामद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Aug 2018 4:44 AM
छापामारी के दौरान की गयी थी फोटोग्राफी, अब मात्र 17 बोरा चावल मिलने पर कई तरह की हो रही है चर्चा सुलतानगंज : सुलतानगंज के शहाबाद चौक के पास मुकेश साह की सील की गयी राइस मिल को 48 घंटे बाद गुरुवार को खोल कर जांच की गयी. इस दौरान बीडीओ प्रभात रंजन व एमओ […]
छापामारी के दौरान की गयी थी फोटोग्राफी, अब मात्र 17 बोरा चावल मिलने पर कई तरह की हो रही है चर्चा
सुलतानगंज : सुलतानगंज के शहाबाद चौक के पास मुकेश साह की सील की गयी राइस मिल को 48 घंटे बाद गुरुवार को खोल कर जांच की गयी. इस दौरान बीडीओ प्रभात रंजन व एमओ रामविलास यादव मौजूद थे. मिल में सरकारी अनाज होने की गुप्त सूचना मिलने पर एसडीओ के निर्देश पर मंगलवार को राइस मिल को मंगलवार को सील कर दिया गया था. जांच में महज 17 बोरा चावल मिला. एमओ रामविलास यादव ने मिल मालिक से पूछताछ की. मिल के संचालक ने बताया कि पैक्स द्वारा धान कुटाई के लिए उसे अधिकृत किया गया है. नोनसर व श्रीरामपुर पैक्स द्वारा जो धान दिया जाता है उसकी कुटाई कर नयागांव पैक्स गोदाम को चावल आपूर्ति की जाती है. चावल गोदाम भेजने के बाद 17 बोरा चावल मिल में बच गया था.
कहते हैं एमओ : एमओ ने बताया कि मिल संचालक ने पैक्स से धान लेने और बरामद हुए चावल के कागजात उपलब्ध कराये हैं. वरीय पदाधिकारी को मामले से अवगत करा दिया जायेगा.
उठ रहे सवाल
मिल में नहीं था सरकारी अनाज तो क्यों फरार हो गया था संचालक ?
मिल सील करने के दौरान संचालक ने क्यों नहीं दिखाये थे कागजात?
सील करने के पूर्व बीडीओ क्यों नहीं गिनती कर पाये थे 17 बोरा चावल ?
मिल को सील करने के बाद निगरानी के लिए क्यों नहीं तैनात किया गया मजिस्ट्रेट?
छापेमारी के दौरान यदि 17 बोरा ही चावल था, क्यों नहीं उसकी गिनती की गयी और उसे जब्त क्यों नहीं किया गया? तीन दिन पहले यह आशंका व्यक्त की गयी थी कि मिल में काफी मात्रा में चावल है.
कहते हैं बीडीओ
बीडीओ प्रभात रंजन ने कहा कि मामले की जांच करने का निर्देश एमओ को दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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