हमें कब मिलेगी पूरी आजादी
Updated at : 15 Aug 2018 6:52 AM (IST)
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भागलपुर : ‘भारतीय संविधान ने भले ही देश के सभी बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू कर दिया गया है. लेकिन सच्चाई यही है कि परिवार और समाज की बंदिशों के कारण लड़कियों को अब तक पढ़ने-लिखने की पूरी आजादी नहीं मिल पायी है.’ यह कहना है झुनझुनवाला आदर्श बालिका उच्च विद्यालय की […]
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भागलपुर : ‘भारतीय संविधान ने भले ही देश के सभी बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू कर दिया गया है. लेकिन सच्चाई यही है कि परिवार और समाज की बंदिशों के कारण लड़कियों को अब तक पढ़ने-लिखने की पूरी आजादी नहीं मिल पायी है.’ यह कहना है झुनझुनवाला आदर्श बालिका उच्च विद्यालय की दसवीं कक्षा में पढ़नेवाली छात्रा राधिका का.
राधिका ने कहा कि लड़के और लड़कियों की पढ़ाई और परवरिश में जमीन आसमान का अंतर है. बता दें कि ‘मेरी नजर में आजादी’ टॉपिक पर प्रभात खबर टोली ने मंगलवार को झुनझुनवाला आदर्श बालिका उच्च विद्यालय की कई छात्राओं से राय ली. छात्राओं ने कहा कि गरीब बच्चे सरकारी स्कूल में और अमीर बच्चे प्राइवेट स्कूल में क्यों पढ़े. लैंगिक भेदभाव के साथ-साथ लड़कियों के साथ बढ़ते दुर्व्यवहार, बाल विवाह, सुरक्षा के कड़े कानून की जरूरत, गरीबी व कुपोषण जैसे मुद्दे पर अपनी बात को भी मजबूती से रखा.
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