आंधी में भागलपुर–नवगछिया में उजड़े सैकड़ों पक्षियों के आशियाने, कई की मौत, बच्चों ने देखा दर्दनाक मंजर

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आंधी में भागलपुर–नवगछिया में उजड़े सैकड़ों पक्षियों के आशियाने, कई की मौत, बच्चों ने देखा दर्दनाक मंजर

Bhagalpur News : भागलपुर में सुबह स्कूल पहुंचे बच्चों ने जो देखा, उससे हर कोई सन्न रह गया. परिसर में सैकड़ों घायल और मृत पक्षी बिखरे पड़े थे. रात की भीषण आंधी ने सिर्फ पेड़ों को नहीं, बल्कि बेजुबान पक्षियों की पूरी दुनिया उजाड़ दी.

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नवगछिया, भागलपुर से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट

भागलपुर और नवगछिया में आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा में सबसे अधिक असर पक्षियों और वन्यजीवों पर पड़ा. तेज हवाओं के कारण सैकड़ों घोंसले टूट गए, बड़ी संख्या में पक्षी घायल होकर जमीन पर गिर पड़े, जबकि कई पक्षियों की मौत हो गई. घटना के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाकर जीवित पक्षियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा

मौसम विभाग के अनुसार आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी. तेज तूफान से कई पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए और उन पर बने पक्षियों के घोंसले पूरी तरह उजड़ गए.आंधी के बाद सुबह का दृश्य बेहद दर्दनाक था.

स्कूल परिसर में बिखरे मिले घायल और मृत पक्षी

खंजरपुर स्थित विद्यालय पहुंचीं कंचन मैडम और बच्चों ने परिसर में बड़ी संख्या में घायल और मृत पक्षियों को देखा.विद्यालय परिसर और आसपास छोटे-बड़े कई पक्षी घायल अवस्था में तड़प रहे थे, जबकि सैकड़ों पक्षी मृत पड़े मिले. इस दृश्य को देखकर बच्चों में डर और दुख का माहौल बन गया.

वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया.शिक्षकों, बच्चों और स्थानीय लोगों की मदद से जीवित पक्षियों को सुरक्षित एकत्र किया गया. घायल पक्षियों को उपचार और पुनर्वास के लिए रेस्क्यू सेंटर भेजा गया. साथ ही प्राथमिक प्राकृतिक उपचार की भी व्यवस्था की गई.

पर्यावरण संतुलन पर मंडराया खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि पक्षी केवल जीव नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. पक्षी बीजों के प्रसार, कीट नियंत्रण और जैव विविधता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.ऐसे में बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत मानी जा रही है.

वन्यजीवों के लिए स्थायी राहत व्यवस्था की मांग

स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पक्षियों और वन्यजीवों के लिए भी राहत और पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए.लोगों का कहना है कि पृथ्वी केवल इंसानों की नहीं, बल्कि हर जीव-जंतु की भी है और सभी को सुरक्षित जीवन का अधिकार मिलना चाहिए.

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Amit Kr Sinha

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By Amit Kr Sinha

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