काम चलाऊ एनएच की बिगड़ेगी स्थिति, तो सुधारना होगा मुश्किल

Updated at : 12 Aug 2018 4:22 AM (IST)
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काम चलाऊ एनएच की बिगड़ेगी स्थिति, तो सुधारना होगा मुश्किल

एनएच 80 एनएचएआइ को हैंडओवर करने के बाद से विभाग ने खींचा हाथ पैसा मिलना हुआ बंद, रोड निर्माण व दुरुस्तीकरण कार्यों पर लगेगा ग्रहण भागलपुर : एनएच 80 की रोड एनएचएआइ को हैंडओवर कर दिया गया है. इसके साथ ही विभाग ने रोड निर्माण या दुरुस्तीकरण कार्यों से अपना हाथ खींच लिया है. यानी, […]

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एनएच 80 एनएचएआइ को हैंडओवर करने के बाद से विभाग ने खींचा हाथ

पैसा मिलना हुआ बंद, रोड निर्माण व दुरुस्तीकरण कार्यों पर लगेगा ग्रहण
भागलपुर : एनएच 80 की रोड एनएचएआइ को हैंडओवर कर दिया गया है. इसके साथ ही विभाग ने रोड निर्माण या दुरुस्तीकरण कार्यों से अपना हाथ खींच लिया है. यानी, इसपर अब विभाग अपनी ओर से पैसा खर्च नहीं करेगा. एनएचएआइ को हैंडओवर करने की जब अधिसूचना जारी हुई थी, तभी से ही पैसा देना बंद कर दिया है. केवल उन्हीं योजनाओं पर पैसा दे रहा है, जो स्वीकृत है और रोड निर्माण का कार्य चल रहा है. ऐसे में अब आगे एनएच 80 की रोड टूटने पर इसका निर्माण या दुरुस्तीकरण की गुंजाइश कम है. घोरघट से मिरजाचौकी के बीच एनएच 80 की रोड राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर क्षेत्राधीन पड़ता है. एनएच 80 किमी 93 से लेकर 190 तक यानी तकरीबन 93 किमी में है. इसकाे हमेशा से सात भागों में बांट कर निर्माण या मरम्मत कराया गया है.
लोहिया पुल से रमजानीपुर : सड़क बनने के बाद अब नहीं होगा आगे कोई काम. लोहिया पुल से इंजीनियरिंग कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज से रमजानीपुर के बीच ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है. इसलिए विभाग इसे पूरा करेगा. मगर, आगे अब कोई काम नहीं होगा. एनएच विभाग न तो सड़क बनायेगी और न ही इसका दुरुस्तीकरण कार्य करायेगा. वर्तमान में लोहिया पुल से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच सात किमी में जहां पहले से अलकतरा की सड़क है, उससे बनायी जा रही है. इस पर 3.11 करोड़ खर्च किया जा रहा है. इंजीनियरिंग कॉलेज से रमजानीपुर के बीच 31 किमी में भी सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है. इसपर लगभग 43 करोड़ खर्च किया जा रहा है. इतनी राशि में ही मसाढ़ू पुल का भी निर्माण होगा.
एनएचएआइ और एनएच विभाग के पेच में फंसी सड़क
एनएच 80 की रोड एनएचएआइ और एनएच विभाग के पेच में फंस कर रह गयी है. जानकारों की मानें, एनएच 80 को एनएचएआइ को तो हैंडओवर कर ही दिया है, लेकिन अधिसूचना जारी होने के साथ ही विभाग खुद को जिम्मेदारी से मुक्त मान रहा है. इधर, एनएचएआइ यह मानने को तैयार नहीं कि एनएच 80 की रोड उन्हें सौंपी गयी है. आगे अब रोड निर्माण या दुरूस्तीकरण पर होने वाले खर्च के संबंध में एनएच विभाग को अभी तक एनएचएआइ से कोई जवाब नहीं मिल रहा है. इसको लेकर उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है.
एनएचएआइ करेगी खर्च तो सुधरेगा हाइवे
भले ही एनएचएआइ मानें या न मानें, मगर एनएच विभाग जारी अधिसूचना पर एनएच 80 को हैंडओवर कर यह मान लिया है कि अब उन्हें इस पर अब कोई राशि खर्च नहीं करना है. अब सवाल उठता है कि रोड निर्माण या दुरुस्तीकरण का कार्य कैसे होगा. एनएचएआइ अगर खर्च करे, तो जर्जर हाइवे का कायाकल्प हो जायेगा. हाइवे सुधरेगी और राह आसान हो जायेगा.
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