गांव के लोग भी सिमरिया धाम आने वाले श्रद्धालुओं की करेंगे मदद

Updated at : 02 May 2025 10:32 PM (IST)
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गांव के लोग भी सिमरिया धाम आने वाले श्रद्धालुओं की करेंगे मदद

श्रद्धालुओं की सुविधाओं की देख-रेख करेंगे. उक्त बातें शुक्रवार को सिमरिया धाम स्थित रीवर फ्रंट पर शुक्रवार को आयोजित बैठक में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कही.

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सिमरिया. सिमरिया में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को अब केवल जिला प्रशासन या जनप्रतिनिधियों के भरोसे नहीं, बल्कि आसपास गांव के लोग भी धर्मस्थली सिमरिया धाम के पावन गंगातट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं की देख-रेख करेंगे. उक्त बातें शुक्रवार को सिमरिया धाम स्थित रीवर फ्रंट पर शुक्रवार को आयोजित बैठक में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कही. उन्होंने कहा कि यहां गंगा स्नान, मुंडन संस्कार व शव का दाह संस्कार के लिए आने वाले लोगों के साथ बदमाशों के द्वारा दिन दहाड़े हथियार के बल पर लूटपाट व हत्या जैसे घटनाओं का अंजाम दिया जाता है. उन्होंने कहा कि सिमरिया धाम पर विधि-व्यस्था की देखरेख के लिए जल्द ही समिति का गठन किया जाएगा तथा जिला प्रशासन व स्थानीय सांसद को पत्र देकर सिमरिया धाम की विधि-व्यवस्था दुरुस्त करने व रीवर फ्रंट का संचालन के लिए पर्यटन विभाग को सौंपने की मांग की जायेगी. युवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि सिमरिया धाम को विकसित बनाने के लिए बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के द्वारा 115 करोड़ रुपए खर्च कर रीवर फ्रंट व धर्मशाला का निर्माण के बावजूद इसकी देख रेख के लिए पर्यटन विभाग को नहीं सौंपने की वजह से अब घाट का मार्बल पत्थर व स्टील की रेलिंग टूटकर बर्बाद होने लगी है. जन स्वराज पार्टी के नेता आर एन सिंह ने कहा कि सिमरिया धाम पर्यटन स्थल क्षेत्र बन गया है, लेकिन यहां गंदगी की अम्बार लगी हुई है घाट की देखरेख नहीं होने से खंडहर बनता जा रहा है. मल्हीपुर दक्षिण पंचायत के पूर्व मुखिया रंजीत कुमार ने कहा कि सिमरिया गंगानदी पर गंगा स्नान के लिए मिथिलांचल व देश के विभिन्न हिस्सों के अलावे पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं गंगा स्नान के लिए आते हैं, इस दौरान यहां स्नान के दौरान श्रद्धालुओं डूब रहे हैं, कहने के लिए यहां एसडीआरएफ की टीम तैनात रहते हैं, लेकिन वे लोग गंगातट के बदले अपने आवास पर ही रहते हैं. पूर्व में जब यहां स्थानीय गोताखोर के 16 जवान मुस्तैद रहते थे, तो डूबने की घटना नहीं होती थी. बीहट निवासी संजय कुमार व शंभु सिंह ने कहा कि सिमरिया गंगातट पर जिला प्रशासन की संवेदनहीनता की वजह से ही बीते दिनों महज 14 दिनों में ही सात लोगों की मौत गंगा स्नान करने के दौरान डूबने से हो गयी. मौके पर रामानुज सिंह,बिपिन सिंह,ध्रुव मिश्रा, नंदन कुमार, टिंकू मल्लिक, जितेंद्र कुमार, बिट्टू कुमार, बबलू राय संजीत कुमार समेत मल्हीपुर, विष्णुपुर चांद, चकिया, कसहा, बरियाही, रुपनगर, बीहट, सिमरिया घाट, मल्हीपुर बिंदटोली समेत आसपास गांव के कई अन्य लोग मौजूद थे.

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