स्कूली बच्चों को इ- रिक्शा से स्कूल जाने पर लगी रोक वापस हो : राजेश श्रीवास्तव

Updated at : 02 Apr 2025 10:38 PM (IST)
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स्कूली बच्चों को इ- रिक्शा से स्कूल जाने पर लगी रोक वापस हो : राजेश श्रीवास्तव

इ-रिक्शा संघ एक्टू के बैनर तले सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों ने स्कूली बच्चों के परिवहन पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

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बेगूसराय. इ-रिक्शा संघ एक्टू के बैनर तले सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों ने स्कूली बच्चों के परिवहन पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. आंबेडकर चौक से लेकर समाहरणालय के उत्तरी गेट तक जुलूस निकाला गया. जिसमें बड़ी संख्या में इ-रिक्शा चालक शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इ-रिक्शा पर लगाये गये प्रतिबंध को तुरंत वापस लिया जाये. इस प्रदर्शन का नेतृत्व इ-रिक्शा संघ एक्टू के संरक्षक राजेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष रंजीत राज, एक्टू के जिला प्रभारी चंद्रदेव वर्मा, भाकपा-माले के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद कर रहे थे. समाहरणालय के दक्षिणी द्वार पर सभा को संबोधित करते हुए इ-रिक्शा संघ एक्टू के संरक्षक राजेश श्रीवास्तव ने स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर इ-रिक्शा पर लगे प्रतिबंध को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि सरकार के विभाग में बैठे अधिकारियों को बिहार के भौगोलिक स्थिति का थोड़ा भी ज्ञान नहीं है. उन्होंने कहा कि शहर में सैकड़ों ऐसी तंग गलियां है जिसमें सिर्फ इ-रिक्शा ही आसानी से प्रवेश कर सकती है. ऐसे गलियों से रोजाना हजारों बच्चों को इ- रिक्शा चालक प्रत्येक दिन सुरक्षित स्कूल पहुंचाने और वापस घर लाने का काम कर रहे है. इस कर्म में आज तक एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है. जहां इ-रिक्शा के इस्तेमाल से बच्चों को कोई नुकसान पहुंचा हो. इसलिए नीतीश सरकार और उनके अधिकारी बिना सोचे समझे जारी किये गये तुकलकी फरमान को वापस ले. इस फैसले ने हजारों इ- रिक्शा चालक, स्कूली बच्चे और उनके अभिभावकों के समक्ष एक नया संकट खड़ा कर दिया है. इ-रिक्शा संघ एक्टू अध्यक्ष रंजीत राज ने कहा कि इ-रिक्शा गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन है. बेरोजगारी की इस विकट स्थिति में इ-रिक्शा ने हजारों-लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनाया है. सरकार को चाहिए कि वह इ-रिक्शा चालकों को सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान करे, न कि उनके रोजगार पर हमला करे. उन्होंने कहा कि इ-रिक्शा प्रदूषण मुक्त और ध्वनि रहित परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है, जो न केवल गरीबों के लिए रोजगार का जरिया है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है. ऐसे में इस पर लगाए गए किसी भी प्रकार के प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाना चाहिए. भाकपा माले के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम सालाना 1200 रुपये पार्किंग शुल्क के नाम पर वसूलता है. इसके बावजूद जगह-जगह ई रिक्शा चालकों से बैरियर के नाम पर रंगदारी वसूली जाती है. इ- रिक्शा संघ ने नगर निगम को इस अवैध वसूली की शिकायतें कई बार दी हैं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इस पर विलंब रोक लगनी चाहिए उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि अगर इ-रिक्शा से स्कूली बच्चों के परिवहन पर लगे प्रतिबंध को जल्द नहीं हटाया गया और उनकी अन्य मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार गरीबों के रोजगार को खत्म करने की कोशिश करेगी, तो इ-रिक्शा चालक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. इस प्रदर्शन में संघ के कोषाध्यक्ष बबलू ठाकुर, रविंद्र कुमार, बाबू साहेब, अजय साह, मुकेश पासवान, मनोज पासवान, पिंटू पासवान, महावीर महतो, शंकर साह, सिकंदर साह सहित बड़ी संख्या में इ-रिक्शा चालक शामिल हुए.

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AMLESH PRASAD

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