9.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Begusarai News : शिलान्यास के सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया 230 करोड़ की लागत से शुरू सीवरेज कार्य

नगर निगम क्षेत्र में घरों के गंदे जल की निकासी की समस्या वर्षों से गंभीर बनी हुई है.

बेगूसराय. नगर निगम क्षेत्र में घरों के गंदे जल की निकासी की समस्या वर्षों से गंभीर बनी हुई है. शहर के अधिकांश मुहल्लों में नालियों की बदहाल स्थिति और सीवरेज व्यवस्था के अभाव में बाथरूम व रसोई का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है. इससे न केवल आम लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. वर्ष 2019 में जब 90 किलोमीटर लंबे सीवरेज नेटवर्क कार्य का शिलान्यास किया गया और फरवरी 2020 में योजना का क्रियान्वयन शुरू हुआ, तब शहरवासियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही इस पुरानी समस्या से निजात मिलेगी. योजना के तहत घरों के गंदे जल को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाकर उसका शोधन किया जाना था. हालांकि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है. इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है. घरों के बाथरूम का पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं. वहीं वर्ष 2019 के बाद जिन लोगों ने अपने मकान का निर्माण कराया, उन्होंने यह सोचकर बड़े सेप्टिक टैंक नहीं बनवाये थे कि जल्द ही सीवरेज लाइन चालू हो जायेगी. अब उन्हें न तो सीवरेज सुविधा मिल रही है और न ही गंदे पानी की वैकल्पिक निकासी की समुचित व्यवस्था है. इससे लोग मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं.

जिम्मेदारी बुडको को सौंपी गयी

नगर विकास एवं आवास विभाग तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत बेगूसराय शहर में सीवरेज योजना शुरू की गयी. इस योजना पर लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गयी थी. प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था. योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार सरकार की एजेंसी बिहार अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बुडको को सौंपी गयी. योजना का उद्देश्य शहरी गंदे पानी को सीधे गंगा नदी में जाने से रोकना और उसे शोधन के बाद उपयोग योग्य बनाना था. इसके तहत 95 किलोमीटर से अधिक लंबी सीवर लाइन, इंटरमीडिएट पंप स्टेशन और 17 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया.

लाभ से पहले ही एसटीपी का उद्घाटन

सीवरेज कार्य का ठेका तोशिवा वाटर सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और केवडिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को दिया गया था. ठेका शर्तों के अनुसार दो वर्षों में कार्य पूरा होना था, लेकिन योजना शुरू होने के सात वर्ष बाद भी यह अधूरी है. इसके बावजूद 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क योजना का उद्घाटन कर दिया गया. बेगूसराय के लाखो राजा डुमरी बांध के पास स्थित एसटीपी परिसर में इस अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया. उद्घाटन के समय यह उम्मीद जतायी गयी थी कि जल्द ही शहरवासियों को सीवरेज सुविधा मिलने लगेगी. हालांकि उद्घाटन के लगभग छह माह बीत जाने के बाद भी लोगों को इस योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल सका है.

हाउस कनेक्शन बना सबसे बड़ी बाधा

सीवरेज योजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. मुख्य नेटवर्क, एसटीपी और एक इंटरमीडिएट पंप स्टेशन का निर्माण भी हो गया है. अब केवल घरों से सीवरेज लाइन को जोड़ने यानी हाउस कनेक्शन और कुछ तकनीकी कार्य शेष हैं. लेकिन यही चरण योजना की सबसे बड़ी बाधा बन गया है. अक्तूबर माह से योजना का कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है. विभागीय सूत्रों के अनुसार बुडको और ठेका कंपनी के बीच भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है, जिसके कारण ठेका कंपनी ने कार्य रोक दिया है. इस विवाद का खामियाजा सीधे तौर पर शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है. नगर निगम क्षेत्र में लगभग 20 हजार घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, लेकिन अब तक केवल करीब तीन हजार हाउस कनेक्शन ही हो सके हैं. लोहिया नगर स्थित इंटरमीडिएट पंप स्टेशन पूरी तरह तैयार है और उसका ट्रायल भी किया जा चुका है. वहीं पिपरा क्षेत्र में एक अन्य पंप स्टेशन का निर्माण कार्य अब भी जारी है. यदि हाउस कनेक्शन का कार्य समय पर पूरा हो जाता तो रेलवे लाइन के उत्तर क्षेत्र की बड़ी आबादी को इस वर्ष के अंत तक सीवरेज सुविधा मिल सकती थी. इससे सड़कों पर बहते गंदे पानी और जलजमाव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाती.

नगर विकास मंत्री को स्मार पत्र सौंपा

सीवरेज योजना को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच महापौर पिंकी देवी ने बताया कि इस योजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर नगर विकास मंत्री को स्मार पत्र सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से लगातार विभाग और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है. महापौर ने उम्मीद जतायी कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या को देखते हुए शीघ्र हस्तक्षेप करेगी और भुगतान विवाद का समाधान कराकर सीवरेज योजना को पूरा कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी. शहरवासियों को अब इंतजार है कि कब यह बहुप्रतीक्षित योजना कागजों और उद्घाटनों से निकलकर वास्तविक रूप में उनके घरों तक पहुंचेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel