बेगूसराय में 10 दिवसीय बाल रंग कार्यशाला का हुआ समापन, बाल कलाकारों ने मंच पर बिखेरी प्रतिभा
नवकिरण फाउंडेशन बेगूसराय द्वारा 10 दिवसीय बाल रंग कार्यशाला समापन समारोह का आयोजन किया गया
Begusarai News : बेगूसराय के मटिहानी में नवकिरण आर्ट फाउंडेशन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय बाल रंग कार्यशाला का भव्य समापन हुआ, जिसमें बच्चों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
Begusarai News : नवकिरण आर्ट फाउंडेशन, बेगूसराय की ओर से आयोजित ‘आपकी कला आपका रंगमंच’ कार्यक्रम के तहत बच्चों के शैक्षणिक विकास, कला कौशल और व्यक्तित्व निर्माण के उद्देश्य से आयोजित 10 दिवसीय नि:शुल्क बाल रंग कार्यशाला का समापन समारोह विजय राघव आदर्श राजकीयकृत मध्य विद्यालय, बदलपुरा, मटिहानी में हुआ. कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिवार तथा कला एवं सांस्कृतिक विभाग, बेगूसराय के सहयोग से किया गया.
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का किया गया शुभारंभ
समापन समारोह का शुभारंभ जिला एवं राष्ट्रीय स्तर के रंगकर्मी, रंग निर्देशक एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी, मध्य विद्यालय बदलपुरा की प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी, उच्च माध्यमिक विद्यालय बदलपुरा के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार, मध्य विद्यालय लवहरचक के प्रधानाध्यापक पंकज कुमार राय, रंगकर्मी दीपक कुमार, मणिभूषण सिंह, सुनील कुमार, अंगद कुमार, नारायण कुमार तथा संस्था के सचिव एवं रंग निर्देशक डॉ. सनोज शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर संस्था एवं विद्यालय परिवार की ओर से आगंतुक अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया. कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसके बाद अतिथियों ने संस्था की ओर से उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया.
बाल कलाकारों ने गीत, नृत्य और नाटक से जीता दिल
कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने स्वागत गीत, नृत्य और लघु नाटक 'झांसी की रानी' की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. खुशी कुमारी के गीत 'जग में माई बिना' ने दर्शकों को भावुक कर दिया. वहीं झांसी की रानी का दमदार किरदार निभाकर ऋषिका ने खूब सराहना बटोरी. कार्यक्रम में मुस्कान, अंशु प्रिया, सोनम, ऋतुराज, तन्नू, लक्ष्मी, अंकित, सुजाता, आद्या, गुनगुन, श्रेया, केशव, मयंक, काजल, रूचि, पिंकी, कंचन, स्वाति, शिवानी, राजनंदनी, आस्था, सिद्धि, डोली, मुन्नी, सुजाता, नेहा, रागिनी समेत अन्य बाल कलाकारों ने बेहतर प्रदर्शन किया.
'कला की समझ ही जीवन जीने की समझ है'
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कला की समझ ही जीवन जीने की समझ है. उन्होंने बच्चों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. साहित्य के जानकार मणिभूषण सिंह ने कहा कि जीवन में कला का अंकुरण बेहद आवश्यक है. आज तक जितने भी बड़े साहित्यकार, कवि या रंग निर्देशक हुए हैं, उनमें कला का गुण विद्यमान रहा है. रंग निर्देशक दीपक कुमार ने कहा कि कला हम सभी जीवों में मौजूद है. जरूरत है कि इसे जीवन में सफलता के लिए बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जाए.
अतिथियों का सम्मान कर कार्यशाला का हुआ समापन
संस्था के सचिव एवं रंग निर्देशक डॉ. सनोज शर्मा ने अतिथियों का सम्मान किया और कार्यक्रम का संचालन किया. अंत में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की. कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुष कुमार, अंगद कुमार, प्रिंस कुमार, शशि कुमार एवं सुजीत कुमार समेत विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीण शुभचिंतकों का सहयोग रहा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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