बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए चलाया गया जागरूकता अभियान

Updated at : 30 Apr 2025 9:59 PM (IST)
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बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए चलाया गया जागरूकता अभियान

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के बेगूसराय में सहयोगी संगठन वैशाली समाज कल्याण संस्थान की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है और सभी धर्मगुरुओं ने इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है.

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बेगूसराय. बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के बेगूसराय में सहयोगी संगठन वैशाली समाज कल्याण संस्थान की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है और सभी धर्मगुरुओं ने इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है.

बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ने का लिया फैसला

संगठन ने कहा कि यह देखते हुए कि कोई भी बाल विवाह किसी पंडित, मौलवी या पादरी जैसे पुरोहित के बिना संपन्न नहीं हो सकता, हमने उन्हें बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ने का फैसला किया. इसके सकारात्मक नतीजों को देखते हुए हम उम्मीद कर सकते हैं इस अक्षय तृतीया पर जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होने पाएगा. आज जिले में तमाम मंदिरों-मस्जिदों के आगे ऐसे बोर्ड लगे हुए जिन पर स्पष्ट लिखा है कि यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है. ज्ञात हो कि जेआरसी 2030 तक देश से बाल विवाह खत्म करने के मकसद से ;चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया कैम्पेन चला रहा है. जेआरसी कानूनी हस्तक्षेपों के जरिए बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 416 जिलों में जमीन पर काम कर 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों का नेटवर्क है जिसने पिछले वर्षों में दो लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवाए हैं और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है. संस्थान के सीईओ कौशल किशोर विकल ने कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जरूरी जागरूकता की कमी है. ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं है कि यह बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है. कैलाशपुर गाँधीग्राम परिसर में आमजनो के विच कौशल किशोर विकल ने बाल विवाह के कुरीतियों पर विस्तृत प्रकाश डाला धर्मप्रचारक धीरेन्द्र शास्त्री ने बाल विवाह जैसे कुप्रथा को मिटाने के लिए सभी धर्म के प्रचारक आगे आने की जरूरत पर बल प्रदान किया और कहा की समाज में धर्मगुरुओ के आह्वान का बाल विवाह के खिलाफ व्यापक असर पड़ेगा, इस कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्र संख्या 35 के वार्ड पार्षद डा शागुफ्ता ताजवर ने अपनी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में जबतक बाल विवाह के खिलाफ हमलोग एकजुट नहीं होंगे तबतक यह समाजिक जड़ता नहीं मिटेगी. बैठक के उपरांत बाल विवाह बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन विभाग एवं वैशाली समाज कल्याण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में जागरूकता वाहन को बेगूसराय सराय के श्रम अधीक्षक दुर्गा शंकर प्रसाद द्वारा हर हर महादेव चौक से हरी झंडी दिखाक़र रवाना किया गया. मौके पर विवेक चंचल, झा अंकित कुमार विवेक कुमार, झा जी, संस्थान कर्मी सिद्धांत कुमार, राजमणि रंजन,धीरेन्द्र शास्त्री सरिता कुमारी, डी.टी.एफ सदस्य श्रमिक यूनियन के नेता रामानंदसागर उपस्थित थे.

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