बैंककर्मियों की हड़ताल से करोड़ों का कारोबार बाधित
Updated at : 23 Oct 2019 6:57 AM (IST)
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बेगूसराय : ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉय एसोसिएशन तथा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले मंगलवार को बैंकों के विलयीकरण को बंद करने, सरकार के द्वारा लोन डिफॉल्टर के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने, बेवजह सर्विस टैक्स वसूले जाने समेत अन्य मांगों को लेकर शहर के कई बैंकों को बंद कराया गया. संगठन के प्रतिनिधि […]
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बेगूसराय : ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉय एसोसिएशन तथा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले मंगलवार को बैंकों के विलयीकरण को बंद करने, सरकार के द्वारा लोन डिफॉल्टर के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने, बेवजह सर्विस टैक्स वसूले जाने समेत अन्य मांगों को लेकर शहर के कई बैंकों को बंद कराया गया.
संगठन के प्रतिनिधि व कर्मियों ने शहर में घूम-घूम कर पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य कई बैंकों को बंद करते हुए सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ज्ञात हो कि ओरियेंटल बैंक ऑफ इंडिया तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में विलय की बात कही जा रही है. वहीं आंध्रा बैंक, इलाहाबाद बैंक, काॅरपोरेशन बैंक तथा सिंडिकेट बैंक का विलय भी अन्य बैंकों में किये जाने की बात कही जा रही है.
कुल मिलाकर ये कहें कि कुल दस बैंकों को चार बैंकों में विलय की बात पर कर्मियों द्वारा प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने नगरपालिका चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को भी लगभग एक घंटे तक बंद रखा. बाद में फिर इन बैंक में कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार बैंककर्मियों के साथ छलावा कर रही है. यदि विलय की बात को वापस नहीं लिया जाता है तो आगे हमलोगों का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा. इसको लेकर सभी संगठन एकजुट होने का काम करेगी. प्रदर्शन कर रहे अजय कुमार ने कहा कि सरकार बैंक में लोन लेने वाले डिफॉल्टर के साथ कड़ा रुख अपनाती नहीं है और कर्मियों बेवहज परेशान करती है.
बैंकों में एक तो कर्मियों की भारी कमी है ऊपर से सरकार काम का बोझ लगातार बैंकों पर बढ़ाती जा रही है.उन्होंने कहा कि कस्टमर से लिया जाने वाला सर्विस चार्ज या तो बंद करे अन्यथा कम करें. ग्राहक बेवजह सर्विस चार्ज का पैसे देना नहीं चाहती है. बैंक बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरों तक के लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा. आंकड़ों की माने तो एक दिन के बैंक हड़ताल में करोड़ों का ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ है. मौके पर पवन कुमार, विकास कुमार, प्रवीण कुमार समेत विभिन्न बैंकों के कर्मी व प्रतिनिधि मौजूद थे.
हड़ताल के कारण बैरंग वापस हुए ग्राहक
बखरी. मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय हड़ताल पर चले गये. जिससे लेन देन करने के लिए आये लोगों को बैंक बंद रहने के कारण बैरन वापस जाना पड़ा. बाजार स्थित युको बैंक बखरी व परिहारा, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, सीबीआई तथा ग्रामीण बैंक के बखरी व शकरपुरा शाखा सहित एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र को कराया गया.
हड़ताल ऑल इंडिया इंप्लाइज एसोसिएशन एवं बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान किया गया. यूको बैंक परिहारा के कैशियर रवि आनंद बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंक हमारी अर्थव्यवस्था के स्तंभ है. सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है लेकिन छह बैंको के बंद करके वह बैंकिंग प्रणाली की मुख्य धमनियों को खत्म कर रहे हैं.
बैंकों की समस्याओं का समाधान विलय नहीं है. वहीं बैंक ऑफ इंडिया के क्लर्क अमित तिवारी ने बताया कि भारत में बैंकिंग की सघनता कम है. हमें एकीकरण नहीं विस्तार की आवश्यकता है. सरकार छोटे ग्राहकों को बैंकिंग के नक्शे से बाहर करने पर कार्य कर रहे हैं. मौके पर राणा कुमार, अनुशक्ति कुमार, हिमांशु शेखर, सुरेश सदा, बैजनाथ राय, कृष्ण कुमार चौधरी, विकास, मनटुन आदि शामिल थे.
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