बौंसी में जर्जर लकड़ी के पोल के सहारे चल रही स्कूल की बिजली

Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 31 May 2026 10:23 AM

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Banka News : जहां एक ओर सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, वहीं बांका के एक विद्यालय में आज भी जर्जर लकड़ी के पोल के सहारे बिजली की लाइन संचालित हो रही है. बरसात से पहले यह स्थिति छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही है.

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बौसी, (बांका)से संजीव पाठक की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के बौसी प्रखंड अंतर्गत चंदन डैम स्थित श्री दुर्गा उच्च विद्यालय, शक्तिनगर में विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विद्यालय परिसर में बिजली आपूर्ति आज भी एक पुराने और जर्जर लकड़ी के पोल के सहारे की जा रही है. विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का कहना है कि वर्षों पुराना यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे सैकड़ों छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती है. इसके बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

जर्जर पोल बना हादसे का इंतजार

विद्यालय परिसर में लगा लकड़ी का पोल काफी पुराना हो चुका है. लगातार धूप, बारिश और मौसम की मार झेलने के कारण इसकी मजबूती कमजोर पड़ गई है. शिक्षकों का कहना है कि तेज हवा, आंधी या भारी बारिश की स्थिति में पोल के गिरने की आशंका बनी रहती है. यदि ऐसा हुआ तो विद्यालय में मौजूद छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

प्रतिदिन सैकड़ों छात्र रहते हैं मौजूद

श्री दुर्गा उच्च विद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं. इसके अलावा दर्जनों शिक्षक और कर्मचारी भी विद्यालय परिसर में मौजूद रहते हैं. ऐसे में जर्जर लकड़ी के पोल के सहारे बिजली आपूर्ति जारी रहना सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

कई बार की गई शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

विद्यालय के शिक्षक जनार्दन कुमार ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और अन्य अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी गई है. बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बाद भी विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और अब संबंधित अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं.

बरसात से पहले बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की दस्तक के साथ ही खतरा और बढ़ गया है. बरसात के दौरान लकड़ी के पोल के कमजोर होकर गिरने या बिजली संबंधी दुर्घटना होने की आशंका अधिक रहती है. ऐसे में विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

मजबूत पोल लगाने की उठी मांग

विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जर्जर लकड़ी के पोल को तत्काल हटाकर उसकी जगह सीमेंट या लोहे का मजबूत पोल लगाया जाए. लोगों का कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं.

जिम्मेदारी कौन लेगा?

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि भविष्य में जर्जर पोल गिरने से कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी. लोगों ने विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर विद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाने की मांग की है. अब सभी की निगाहें विद्युत विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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