बुझी हाइमास्ट लाइट से अंधेरे में डूबा कामधेनु मंदिर का परिसर, श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 01 Jun 2026 10:35 AM

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Banka News : मंदार की तराई में स्थित प्रसिद्ध कामधेनु मंदिर में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है. वर्षों से बंद पड़ी हाईमास्ट लाइट के कारण श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सवाल उठ रहा है कि आखिर धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले इस स्थल की सुध कब ली जाएगी?

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बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के बौंसी स्थित कामधेनु मंदिर परिसर में लगी हाईमास्ट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी है. इसके कारण शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है. मंदिर में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द प्रकाश व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.

शाम ढलते ही अंधेरे में खो जाता है मंदिर परिसर

मंदार तराई का कामधेनु मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. लेकिन मंदिर परिसर में प्रकाश व्यवस्था ठप होने से शाम के समय स्थिति काफी चिंताजनक हो जाती है.श्रद्धालुओं का कहना है कि पूजा के बाद घर लौटने के दौरान उन्हें अंधेरे में रास्ता तय करना पड़ता है. इससे दुर्घटना और असुरक्षा की आशंका बनी रहती है.

महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार हाईमास्ट लाइट बंद रहने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. रात के समय मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहने के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है.राहगीरों को भी अंधेरे में आने-जाने में परेशानी होती है. कई लोगों ने बताया कि रात के समय पूरा क्षेत्र सुनसान और असुरक्षित महसूस होता है.

पर्यटन विभाग से नगर पंचायत को सौंपा गया था जिम्मा

जानकारी के अनुसार कामधेनु मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना पर्यटन विभाग द्वारा कराई गई थी. वर्ष 2022 में अन्य हाईमास्ट लाइटों के साथ इसका रखरखाव नगर पंचायत बौंसी को हस्तांतरित कर दिया गया था.स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हस्तांतरण के बाद रखरखाव को लेकर अपेक्षित पहल नहीं की गई. नतीजतन मंदिर परिसर समेत कई स्थानों की हाईमास्ट लाइटें वर्षों से बंद पड़ी हैं.

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर पंचायत को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इससे न केवल श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ी है, बल्कि मंदिर की धार्मिक गरिमा और पर्यटन महत्व भी प्रभावित हो रहा है.

जल्द मरम्मत का आश्वासन

नगर पंचायत अध्यक्ष कोमल भारती ने बताया कि बंद पड़ी हाईमास्ट लाइट को जल्द दुरुस्त कर पुनः चालू कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

स्थानीय लोगों की मांग, जल्द हो स्थायी समाधान

ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा नगर पंचायत से अविलंब हस्तक्षेप कर मंदिर परिसर की प्रकाश व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि कामधेनु मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर पर्याप्त रोशनी न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी है, बल्कि सुरक्षा और पर्यटन विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.

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