आशा को अस्पताल में डिलीवरी तक रुकने का निर्देश, रेफरल की शिकायतों पर भी हुई चर्चा

Published by : VINOD RAO Updated At : 08 Jun 2026 5:24 PM

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अक्सर देखा जाता है कि आशा मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद वापस चली जाती हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित आशा को प्रसव प्रक्रिया पूरी होने तक अस्पताल में उपस्थित रहना होगा, ताकि मरीज और उसके परिजनों को आवश्यक सहयोग मिल सके तथा किसी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके

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बौंसी. रेफरल अस्पताल के सभागार में सोमवार को आशा की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने की. बैठक का उद्देश्य आशा को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना था. बैठक को संबोधित करते हुए अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार ने आशा को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

प्रत्येक गर्भवती महिला का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड एवं जांच रिपोर्ट साथ लाना होगा अनिवार्य

उन्होंने कहा कि प्रसव के लिए अस्पताल लाई जाने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड एवं जांच रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा, ताकि चिकित्सकों को उपचार और प्रसव संबंधी निर्णय लेने में सुविधा हो सके. अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि आशा मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद वापस चली जाती हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित आशा को प्रसव प्रक्रिया पूरी होने तक अस्पताल में उपस्थित रहना होगा, ताकि मरीज और उसके परिजनों को आवश्यक सहयोग मिल सके तथा किसी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके. बैठक के दौरान आशा ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव रखे. कई आशा ने बताया कि सामान्य प्रसव योग्य महिलाओं को भी कई बार बिना ठोस कारण के उच्च संस्थानों में रेफर कर दिया जाता है, जबकि बाद में निजी अस्पतालों में उनका सहज प्रसव हो जाता है. इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई. आशा की बातों को गंभीरता से सुनते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इस पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया. अस्पताल प्रभारी ने आशा से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने टीकाकरण स्थलों की व्यवस्था, लाभार्थियों की उपस्थिति तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. साथ ही एम-आशा पोर्टल पर कार्यों की अद्यतन प्रविष्टि करने, समय पर बैठकों में भाग लेने और अस्पताल आने के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने का भी निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि आशा स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं.

आशा से जनहित में समर्पित भाव से कार्य करने की अपील

ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आशा यदि पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने सभी आशा से जनहित में समर्पित भाव से कार्य करने की अपील की. बैठक में आशा कुसुमबाला सिन्हा, रानी कुमारी, पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में आशा उपस्थित थीं.

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