किसी के दस्तावेज फर्जी तो कुछ ने अधूरा छोड़ा काम, 9 कंपनियों को सीसीएल ने किया ब्लैक लिस्टेड

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 08 Jun 2026 6:38 PM

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सीसीएल मुख्यालय रांची

Ranchi: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इनमें कुछ पर फर्जी दस्तावेज जमा करने तो कुछ पर तय समय में काम पूरा नहीं करने का आरोप है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...

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मनोज सिंह
Ranchi: सीसीएल ने 5 माह में नौ कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है. किसी को एक तो किसी को दो साल के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया है. जिन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है, वह एक साल तक सीसीएल के टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेंगी. कुछ कंपनियों ने टेंडर में सफल होने के बाद काम नहीं किया, तो कुछ ने सुरक्षा राशि (ईएमडी) ही नहीं जमा किया है. एक कंपनी को जवाहर नगर कॉलोनी के रिनोवेशन का काम मिला था, लेकिन वह कंपनी सिक्युरिटी डिपोजिट में फेल हो गयी. कुछ कंपनियों ने टेंडर लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किये थे.

शशि स्ट्रक्चलर इंजीनियरिंग प्रा लिमिटेड पर आरोप

सीसीएल के कुजू क्षेत्र ने काम में लापरवाही बरतने के कारण मैसर्स शशि स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड (पुणे) का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. कंपनी एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. कंपनी को तोपा स्टॉकयार्ड से कुजू न्यू साइडिंग तक 24 लाख टन कोयला लोडिंग और परिवहन के लिए कंपनी को 13.89 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था, लेकिन कंपनी ने सितंबर 2025 से काम पूरी तरह बंद कर दिया और कोयले की निगरानी के लिए जारी जीपीएस और आरएफआईडी टैग भी बिना बताए लौटा दिया. सीसीएल अब अनुबंध की शर्तों के तहत कंपनी से नुकसान की भरपाई के रूप में लगभग 2.74 करोड़ रुपये वसूलेगा.

कलिंगा कॉमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड का कारनामा

सीसीएल ने नियमों का उल्लंघन करने पर मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केसीसी) को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया है. यह प्रतिबंध 15 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है. आम्रपाली ओसीपी में कोयला खनन और परिवहन से जुड़े टेंडर में कलिंगा कॉमर्शियल सफल बोलीदाता चुनी गई थी. नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कंपनी को 21 दिनों के भीतर 724.59 करोड़ से अधिक की ‘अतिरिक्त प्रदर्शन सुरक्षा’ जमा करनी थी. कंपनी द्वारा इस राशि को जमा करने से इनकार करने और संतोषजनक जवाब न देने के बाद यह कदम उठाया गया है. अब कंपनी अगले एक साल तक सीसीएल के किसी भी टेंडर में भाग नहीं ले पाएगी.

एस ग्रुप कंस्ट्रक्शन पावर ट्रांसमिशन 2 साल के लिए बैन

सीसीएल ने एस ग्रुप कंस्ट्रक्शन एंड पावर ट्रांसमिशन दो साल के लिए सभी टेंडरों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है. कंपनी के प्रोपराइटर श्री चिन्मय रंजन साहू हैं. यह कार्रवाई कुजू क्षेत्र के तहत कोयला परिवहन से जुड़े एक टेंडर में फर्जी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र जमा करने के कारण की गई है. विभागीय जांच में संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था और यह पूरी तरह से जाली था. कंपनी पर प्रतिबंध 22 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2028 तक प्रभावी रहेगा.

रवींद्र इंटरप्राइजेज की लापरवाही

सीसीएल के केडीएच प्रोजेक्ट ने मेसर्स रवींद्र एंटरप्राइजेज का तीन साल का कोयला लोडिंग अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. लगातार खराब प्रदर्शन, रेलवे वैगनों में समय पर कोयला लोड न करने और बिना किसी पूर्व सूचना के चार अक्टूबर 2025 से काम बंद करने के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है. इस लापरवाही की वजह से सीसीएल को भारी वित्तीय नुकसान और रेलवे डेमरेज शुल्क का सामना करना पड़ा. कार्रवाई के तहत फर्म को 7 फरवरी 2026 से एक वर्ष के लिए सीसीएल के भविष्य के टेंडरों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके अलावा, सुरक्षा जमा के समायोजन के बाद कंपनी से 16.09 रुपये की वित्तीय क्षतिपूर्ति भी वसूली जाएगी.

ठेकेदार वीरेश कुमार पासवान पर आरोप

सीसीएल ने बरकाकाना स्थित केंद्रीय कार्यशाला के स्टाफ ऑफिसर (सिविल) कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश के तहत, ठेकेदार बीरेश कुमार पासवान (प्रोपराइटरशिप फर्म) को अगले 12 महीनों (एक साल) के लिए सीसीएल के सभी आगामी टेंडरों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया कंपनी को एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी को ध्वस्त करने का काम सौंपा गया था. अनुबंध के नियमों के मुताबिक इस कार्य को 19 अप्रैल 2024 तक पूरा किया जाना अनिवार्य था. लेकिन निर्धारित समय और दी गई अतिरिक्त मोहलत के बाद भी ठेकेदार द्वारा काम की गति अत्यंत असंतोषजनक रही. इस कारण प्रतिबंधित कर दिया गया.

तेजस कार्गो इंडिया लिमिटेड ने नियमों का किया उल्लंघन

सीसीएल ने एक बोलीदाता एक बोली नियम का उल्लंघन करने के आरोप में एमएस टीसीआइएल एटी (जेवी) और उसके घटक सदस्यों पर कड़ा एक्शन लिया है. कंपनी ने तेजस कार्गो इंडिया लिमिटेड और एमएस अविनाश ट्रांसपोर्ट को भविष्य के टेंडर में भाग लेने से एक वर्ष निलंबित कर दिया है. निविदा के नियमों के तहत उनकी 50 लाख रुपये की बयाना राशि भी जब्त कर लिया गया है.

प्रगति इंडियन रोड लाइंस व अविनाश ट्रांसपोर्ट

सीसीएल ने निविदा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मेसर्स पीआइआरएल-एटी (कंसोर्टियम) और उसके घटक सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की है. कंपनी ने कंसोर्टियम को आगामी एक वर्ष चार मई 2027 तक के लिए टेंडर से डिबार कर दिया है. 50 लाख रुपये की बयाना राशि भी जब्त कर ली है. मामला मगध ओसीपी से कोयला लदान और परिवहन के टेंडर से जुड़ा है.

स्मिता कांटेक्स प्रा लिमिटेड पर लगा एक साल का बैन

सीसीएल के कल्याण एवं सेवाएं विभाग ने नियमों के उल्लंघन के मामले में स्मिता कॉन्सटेक प्राइवेट लिमिटेड को भविष्य के सभी टेंडरों में भाग लेने से 12 महीने के लिए प्रतिबंधित (ब्लैक लिस्ट) कर दिया है. कंपनी को जवाहर नगर कॉलोनी में क्वार्टरों की पेंटिंग और मरम्मत कार्य का टेंडर मिला था. कंपनी तय समय सीमा के भीतर परफॉर्मन्स सिक्योरिटी डिपॉजिट और एडिशनल परफॉर्मन्स सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करने में विफल रही. नियमों के तहत एग्रीमेंट न करने और कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर प्रबंधन ने यह कदम उठाया है.

मिनाक्षी कॉन के दस्तावेज फर्जी

सीसीएल ने हैदराबाद की कंपनी मेसर्स मीनाक्षी कॉन को भविष्य के सभी टेंडरों से दो साल 28.05.2028 तक के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है. कंपनी पर हजारीबाग क्षेत्र के केदला वाशरी से जुड़े कोयला परिवहन के एक टेंडर में फर्जी और जाली कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र जमा करने का आरोप है. सीसीएल के संविदा प्रबंधन प्रकोष्ठ द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कंपनी ने मेसर्स विश्वनाथ प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के नाम पर जाली दस्तावेज और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया था. संतोषजनक जवाब न मिलने यह प्रतिबंध लगाया है.

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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