ePaper

बिहार बाल विज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम में ऐश्वर्या ने राज्य में पाया प्रथम स्थान

Updated at : 31 Dec 2025 8:41 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार बाल विज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम में ऐश्वर्या ने राज्य में पाया प्रथम स्थान

जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला की पुत्री ऐश्वर्या शुक्ला ने राज्य भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर बांका के साथ-साथ मंदार क्षेत्र को गौरवान्वित करने का काम किया है.

विज्ञापन

बौंसी. बिहार बाल विज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला की पुत्री ऐश्वर्या शुक्ला ने राज्य भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर बांका के साथ-साथ मंदार क्षेत्र को गौरवान्वित करने का काम किया है. छात्रा ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि आज के दौर में लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं है. जानकारी हो कि पटना के श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र में एसएफएस द्वारा आयोजित बिहार बाल विज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम के राज्य स्तरीय ग्रांड फिनाले कार्यक्रम में छात्रा को प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया. छात्रा की इस उपलब्धि से माता-पिता के साथ-साथ परिवार और जिले में खुशी की लहर दौड़ गयी है. जिले की बाल वैज्ञानिक ऐश्वर्या शुक्ला ने अपनी मेधा का परचम लहराते हुए राज्य भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है.

जलकुंभी पर किया था शोध

संत जोसेफ स्कूल बांका की छात्रा ने जलकुंभी पर आधारित अपना मिनी रिसर्च प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया था. वॉटर हायसिंथ पर उसके रिसर्च की सराहना डॉल्फिन मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात रविंद्र सिंह ने भी की. मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्होंने ऐश्वर्या के आत्मविश्वास और प्रस्तुति शैली की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि छात्रा के द्वारा पर्यावरणीय दृष्टिकोण को बेहतर तरीके से बताने का काम किया गया जो बांका जिले के साथ-साथ राज्य के लिए भी ऐतिहासिक क्षण बना. मालूम हो की छात्रा के शोध ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, बल्कि इसकी मौलिकता ने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया. बिहार राज्य के 38 जिलों के कड़े मुकाबले के बीच छात्रा का प्रोजेक्ट राज्य के टॉप फाइव उत्कृष्ट शोध प्रोजेक्ट में पहले स्थान पर रहा.

टीम वर्क व मार्गदर्शन से मिली सफलता

मालूम हो कि छात्रा की इस सफलता के पीछे सशक्त टीम ने भी काम किया. संत जोसेफ स्कूल के शिक्षकों के साथ-साथ मार्गदर्शक शिक्षक नितेश झा के नेतृत्व में प्रोजेक्ट तैयार किया गया. नवाचार साथी के रूप में रिहांशदीप जिन्होंने कंसिस्टेंट फार्मिंग मॉड्यूल पर अपना प्रभावशाली शोध प्रस्तुत करने का काम किया, जबकि छात्रा के साथ सहयोगी के रूप में शिवम कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. छात्रा की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि बांका की वैज्ञानिक प्रतिभा का भी प्रमाण है. जिले के छात्र-छात्राओं के लिए ऐश्वर्या की यह सफलता प्रेरणा का स्रोत बन गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SHUBHASH BAIDYA

लेखक के बारे में

By SHUBHASH BAIDYA

SHUBHASH BAIDYA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन