अस्पतालों में नहीं है एंटी रैबिज टीका, आफत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Sep 2016 5:48 AM (IST)
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सदर अस्पताल समेत रेफरल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर महीने आते है 100 से ज्यादा मरीज जरूरत के समय नहीं मिलती है दवा बांका : जिले में आवारा कुत्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. आम लोग इसके शिकार भी हो रहे हैं. अगर आपको या आपके परिचित को कुत्ते ने काट लिया […]
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सदर अस्पताल समेत रेफरल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर महीने आते है 100 से ज्यादा मरीज
जरूरत के समय नहीं मिलती है दवा
बांका : जिले में आवारा कुत्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. आम लोग इसके शिकार भी हो रहे हैं. अगर आपको या आपके परिचित को कुत्ते ने काट लिया तो आप सदर या जिले के किसी अन्य सरकारी अस्पताल का रुख न करें तो बेहतर. क्योंकि सभी सरकारी अस्पताल में कुत्ते के काटने पर दी जानेवाली दवा खत्म हो चुकी है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया था कि सरकारी अस्पतालों में कुत्ते के काटने की दवा एआरवी आदि की व्यवस्था की जाये. लेकिन जिले में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है.
सिर्फ सदर अस्पताल में हर महीने 5 हजार की दवा: सरकारी अस्पतालों में सात माह से एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गयी है. अकेले सदर अस्पताल में प्रत्येक माह 50 वाइल उपलब्ध करायी जाती थी. यहां सप्ताह में दो दर्जन से ज्यादा मरीज कुत्ते के काटने के आते है. इसी तरह अन्य अस्पतालों में पांच से छह दर्जन वाइल उपलब्ध करायी जाती थी, लेकिन वह भी बंद है.
250 की दवा 800 रुपये में : सरकार कुत्ते काटने की दवा पर काफी पैसे खर्च करती है. इतनी खपत के बाद भी सरकार की ओर से ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है. सूई नहीं रहने की वजह से मरीजों का इलाज भी बंद हो जाता है. एक पीड़ित ने बताया कि मेडिकल स्टोर से 250 की दवा 800 से 900 रुपये में मिलती है.
कहते हैं अधिकारी
दवा खत्म होने का मामला संज्ञान में हैं. 20 हजार वाइल के लिए ऑर्डर किया गया है. कुछ माह पूर्व मात्र 125 वाइल दवा आयी थी, जो तुरंत ही खत्म हो गयी है. कंपनी दवा उपलब्ध नहीं करा रही है.
एसके महतो, सीएस, बांका
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