उबड़-खाबड़ मैदान पर खेलने काे मजबूर हैं खिलाड़ी

बांका : खेल से शारीरिक व मानसिक विकास होता है. इस वाक्य का वास्तविकता से संबंध है. इसे नकारा नहीं जा सकता है. मौका मिलते ही नेता जी ऐन वक्त पर संबोधन में खिलाड़ियों को उक्त वाक्य की घूंटी जरूर पिलाया करते हैं. पर जिला मुख्यालय में खेल मैदान की जो स्थिति है, उससे यहां […]
बांका : खेल से शारीरिक व मानसिक विकास होता है. इस वाक्य का वास्तविकता से संबंध है. इसे नकारा नहीं जा सकता है. मौका मिलते ही नेता जी ऐन वक्त पर संबोधन में खिलाड़ियों को उक्त वाक्य की घूंटी जरूर पिलाया करते हैं. पर जिला मुख्यालय में खेल मैदान की जो स्थिति है, उससे यहां के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों पर एक सवाल बनता है. साथ ही खेल अधिकारियों के क्रिया कलापों पर अगुंली उठाने के लिए वस्तुस्थिति इंगित करता है.
हालांकि शहर में दो खेल मैदान जरूर हैं. जिसमें आरएमके इंटर स्कूल का मैदान और पीबीएस कॉलेज का मैदान. लेकिन इन दोनों की जो हालत है उसका कहना ही क्या. ये दोनों मैदान उबड़- खाबड़ खेतिहर भूमि जैसा प्रतीत होता है. थोड़ी सी बारिश हो जाये फिर कहना ही क्या. मैदान खेत में तब्दील हो जाता है. इसमें शक नहीं कि शहर के ये दो मैदान विभागीय लापरवाही के शिकार बने हुए हैं.
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