बच्चों को पढ़ाने के पहले शक्षिक खुद पढ़ें पाठ : आरडीडी

Published at :09 Dec 2015 9:46 PM (IST)
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बच्चों को पढ़ाने के पहले शक्षिक खुद पढ़ें पाठ : आरडीडी

बच्चों को पढ़ाने के पहले शिक्षक खुद पढ़ें पाठ : आरडीडी फोटो 9 बांका 31 शिक्षकों को संबोधित करते अधिकारी,32 बैठक में उपस्थित प्रधानाध्यापक प्रतिनिधि, बांकाशहर के बालिका उच्च विद्यालय के प्रशाल में बुधवार को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक भागलपुर प्रमंडल के द्वारा एक बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए आरडीडी ने जिले के […]

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बच्चों को पढ़ाने के पहले शिक्षक खुद पढ़ें पाठ : आरडीडी फोटो 9 बांका 31 शिक्षकों को संबोधित करते अधिकारी,32 बैठक में उपस्थित प्रधानाध्यापक प्रतिनिधि, बांकाशहर के बालिका उच्च विद्यालय के प्रशाल में बुधवार को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक भागलपुर प्रमंडल के द्वारा एक बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए आरडीडी ने जिले के उच्च, उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को कहा कि आगामी वर्ष 2016 में हाने वाले बोर्ड परीक्षा में किसी कीमत पर कदाचार नहीं होगा. परीक्षा में गुणात्मक सुधार का पाठ सभी प्रधानाध्यापकों को पढ़ाया. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वर्ष बोर्ड की परीक्षा में 20 से 30 प्रतिशत बच्चें अनुतीर्ण हो जाते हैं. जिस पर विद्यालय के प्रधान ध्यान देकर उक्त प्रतिशत में कमी लायें. अनुतीर्णता के प्रतिशत में कमी लाने के लिए आरडीडी ने बताया कि 10 बजे से ढ़ाई बजे तक दशम वर्ग के बच्चों को मॉडल टेस्ट पेपर की पढ़ाई करायें. निर्देश नहीं पालन करने वाले विद्यालय पर जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी. गणित, विज्ञान व अंगरेजी में कमजोर बच्चों पर दें विशेष ध्यानसाथ ही गणित, विज्ञान एवं अंगरेजी में कमजोर बच्चों को चिह्नित कर विशेष कक्षा चला कर उनकी कमजोरी दूर करे. वही एक से वर्ग 8 तक में वार्षिक परीक्षा के दौरान असफल होने वाले छात्र- छात्राओं को उत्तीर्ण नहीं किया जाये. विद्यालयों में शिक्षक शैक्षणिक वातावरण का माहौल बनाये. विद्यालय में शिक्षक तनाव रहित रहे एवं कक्षा में छात्र- छात्राओं के समक्ष प्रसन्न मुद्रा में रहे प्रवेश करें. जिस विषय को पढ़ाने हेतु शिक्षक जा रहे हैं उस विषय पर पहले शिक्षक पूर्ण तैयारी कर लें. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा ने कहा कि विद्यालयों में चेतना सत्र, संविधान की प्रस्तावना, योग, आदि कार्यों को शामिल किया जाये. विद्यालय के अंतिम घंटी में विद्यालय प्रधान द्वारा शिक्षकों एवं बच्चों का गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया. साथ ही जिन विद्यालयों में विद्यालय प्रधान द्वारा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं विद्यालय में बेहतर प्रबंधन करते हैं उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. बैठक में उपस्थित प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षक की व्यवस्था की जाये. साथ ही समय- समय पर विद्यालय में खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन कर सर्वश्रेष्ठ छात्र- छात्राओं का पुरस्कृत किया जाये. आरएमके उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बैठक के दौरान कहा कि विद्यालय में आवश्यकता से अधिक नामांकन हो जाने के कारण पठन पाठन की गुणवत्ता में कठिनाई आती है. इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार, डीपीओ, माध्यमिक शिक्षा, लेखा एवं योजना, सर्व शिक्षा, स्थापना, एमडीएम सुशीला शर्मा, विनय कुमार शर्मा, नीरज सिंह, विरेंद्र चौधरी, मृत्यंजय कुमार, प्रभाष रंजन सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे.

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