अब आइओटी डिवाइस से होगी जल नल योजना की मॉनीटरिंग
Updated at : 10 Dec 2019 9:16 AM (IST)
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निरंजन कुमार, बांका : मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत नल जल योजना में लगी पानी सप्लाई यूनिट की देखरेख अब ऑनलाइन होगी. इसके लिए जिला स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गयी है. इस नयी तकनीकी के तहत जिले भर में योजना के हर मोटर (पंप सेट) के स्टार्टर में एक आईओटी डिवाइस […]
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निरंजन कुमार, बांका : मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत नल जल योजना में लगी पानी सप्लाई यूनिट की देखरेख अब ऑनलाइन होगी. इसके लिए जिला स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गयी है. इस नयी तकनीकी के तहत जिले भर में योजना के हर मोटर (पंप सेट) के स्टार्टर में एक आईओटी डिवाइस लगायी जायेगी. जिसका एक-एक कंट्रोल यूनिट या मॉनीटरिंग सेल जिला मुख्यालय व राज्य स्तर पर रहेगा.
इस नियंत्रण केंद्र से यह पता चलेगा कि कहां-कहां कितनी देर तक मोटर चलाया गया. अगर कहीं किसी समस्या की वजह से मोटर नहीं चला, या बंद है, इसकी सारी जानकारी मॉनीटरिंग सेल को मिलती रहेगी. इस डिवाइस में अधिक देर तक मोटर चलने के कारण पानी की बर्बादी की भी जानकारी मिल पायेगी. इस तरह आइओटी डिवाइस के जरीये जल नल योजना की सभी पहलुओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जायेगी. विभाग की मानें तो इस नयी प्रणाली के तहत यहां जल्द से जल्द मॉनीटरिंग आरंभ हो जायेगी.
आइओटी क्या है
आईओटी (इंटरनेट आफ थिंग्स) कंप्यूटर विज्ञान का एक नयी टेक्नोलॉजी है, जो हमें बताती है कि कैसे इलेक्ट्रानिक डिवाईस या गैजेट्स जिसमें आईपी ऐड्रेस उपलब्ध हो, वह आपस में संवाद स्थापित कर सकते हैं. इससे इंसान का काम आसान हो सकता है.
ऐसे काम करेगी डिवाइस
आमलोगों को योजना का शत प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जल नल योजना में आईओटी डिवाईस लगाने का निर्णय लिया गया है. जिसके तहत सभी पानी सप्लाइ यूनिट के मोटर के स्टार्टर के साथ यह डिवाईस लगायी जायेगी. यह आइओटी डिवाइस मोटर को ऑन करते ही स्वयं एक्टिवेट हो जायेगी. इसके बाद जिला मुख्यालय में मौजूद कंट्रोल यूनिट को लगातार संदेश मिलता रहेगा. कितने बजे मोटर ऑन हुआ, कितनी देर तक चला, निर्धारित समय से ज्यादा कितनी देर तक मोटर चलता रहा सहित अन्य सभी बातें की जानकारी मिलती रहेगी.
अगर किसी स्थान पर मोटर नहीं चल रहा, इससे यह भी पता चल जायेगा कि कितने दिनों से मोटर खराब है या किस वजह से वहां का मोटर नहीं चल रहा है. सभी प्रणाली में जीपीएस भी लगा रहेगा, जिससे उसके स्थान की सटीक जानकारी भी मिलेगी. इस डिवाइस को कोई भी व्यक्ति इसे इधर-उधर नहीं हटा सकेगा. इससे घर-घर नल का जल योजना की मॉनीटरिंग काफी आसान हो जायेगी, और बिना किसी परेशानी के लोगों को पानी की सप्लाई भी होती रहेगी. साथ ही पानी की बर्बादी भी रोकी जा सकेगी. बेवजह न मोटर चलेगा और न ही पानी ही बहेगा.
एक डिवाइस पर चार से पांच हजार आयेगा खर्च
नल जल योजना के मोटर के संचालन की जानकारी रखने के लिए लगने वाले एक डिवाइस पर चार से पांच हजार रुपये खर्च आ सकता है. ऐसे में देखा जाये तो सभी वार्डों में डिवाइस लगाने में लाखों रुपये खर्च होंगे. विभाग के अधिकारियों की मानें तो इसके लिए टेंडर निकाला जायेगा. इसकी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है.उम्मीद है जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करते हुए डिवाइस लगाने का काम शुरू किया जायेगा.
जिले के सभी जल नल योजना में आईओटी डिवाईस लगायी जायेगी. इससे योजना के सफल क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. इस प्रकार यह डिवाईस योजना के सफल संचालन में वरदान साबित होगी.
रंजन कुमार चौधरी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, बांका
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