औरंगाबाद में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार किशोर को रौंदा, 13 वर्षीय प्रिंस की मौत
अस्पताल के बाहर स्थानीय की तस्वीर
Aurangabad News : औरंगाबाद के रफीगंज में मदार नदी पुल पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 13 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मुआवजे की मांग.
Aurangabad News : रफीगंज प्रखंड के कजपा पंचायत अंतर्गत केशोपुर और पचरिया गांव के बीच स्थित मदार नदी पुल पर तेज रफ्तार अनियंत्रित अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार 13 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गयी. मृतक की पहचान थाना क्षेत्र के सैफगंज गांव निवासी मुकेश कुमार मेहता के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है. घटना शुक्रवार की बतायी जा रही है.
घर से कजपा बाजार स्थित कोचिंग जाने के लिए निकला था प्रिंस
सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने बताया कि प्रिंस अपने घर से साइकिल पर सवार होकर कजपा बाजार स्थित कोचिंग जाने के लिए निकला था. जैसे ही वह अपने गांव से निकलकर केशोपुर और पचरिया गांव के बीच स्थित मदार नदी पुल पर पहुंचा, तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी और चालक वाहन लेकर फरार हो गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रिंस सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया. परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी थी.
जिंदा समझकर परिजन लेकर पहुंचे सदर अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे. वे प्रिंस को जिंदा समझकर इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर सुनते ही परिजन शव से लिपटकर चीत्कार उठे. परिजनों के करुण क्रंदन से सदर अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया.
नगर थाना की पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करायी. इधर, किशोर की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं सैफगंज गांव में भी मातम पसरा हुआ है. परिजनों ने जिला प्रशासन से आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है.
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टूटी-फूटी सड़क और वाहन की सुविधा नहीं मिलने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान ग्रामीण गुलशन कुशवाहा ने बताया कि जिस स्थान पर प्रिंस का हादसा हुआ, वहां से तत्काल अस्पताल पहुंचने के लिए बेहतर सड़क और वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि रास्ता बेहतर होता और समय पर अस्पताल पहुंचने की सुविधा मिलती, तो शायद प्रिंस की जान बच सकती थी. उन्होंने बताया कि खराब और टूटी-फूटी सड़क के कारण सैफगंज गांव से अस्पताल पहुंचना काफी मुश्किल है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गयी और वर्षों से ग्रामीण बेहतर सड़क के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक गांव तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है.
चुनाव के बाद वादे भूल जाते हैं जनप्रतिनिधि : ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने के लिए गांव पहुंचते हैं और सड़क सहित अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हैं. लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद किए गए वादे भुला दिए जाते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि आज बेहतर सड़क और आवागमन की सुविधा नहीं होने का खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. किशोर की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है.
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