इ-शिक्षाकोष में गड़बड़ी पर शिकंजा, 11 शिक्षकों से स्पष्टीकरण

Published by : SUJIT KUMAR Updated At : 05 Apr 2026 5:18 PM

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एक ही फोटो से कई दिनों तक बनायी ऑनलाइन हाजिरी, रैंडम जांच में पकड़ी गयी बड़ी लापरवाहीकैची क्रसर:48 घंटे के भीतर जवाब नहीं देने पर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ होगी सख्त विभागीय कार्रवाईफरवरी माह की जांच में सामने आयी अनियमितता, डिजिटल सिस्टम के दुरुपयोग पर विभाग सख्त

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एक ही फोटो से कई दिनों तक बनायी ऑनलाइन हाजिरी, रैंडम जांच में पकड़ी गयी बड़ी लापरवाही

48 घंटे के भीतर जवाब नहीं देने पर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ होगी सख्त विभागीय कार्रवाई

फरवरी माह की जांच में सामने आयी अनियमितता, डिजिटल सिस्टम के दुरुपयोग पर विभाग सख्त

फोटो नंबर-15- स्पष्टीकरण की चिट्ठीप्रतिनिधि, औरंगाबाद कार्यालय

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, औरंगाबाद की ओर से इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति में गंभीर अनियमितताएं पाये जाने के बाद 11 शिक्षकों व शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है. यह कार्रवाई फरवरी 2026 माह की उपस्थिति की रैंडम जांच के दौरान सामने आयी गड़बड़ियों के आधार पर की गयी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) के हस्ताक्षर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विभागीय निर्देशानुसार सभी शिक्षकों को प्रतिदिन इ-शिक्षाकोष एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, लेकिन जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और एक ही फोटो को कई दिनों तक अपलोड किया या कई तिथियों में उपस्थिति दर्ज ही नहीं की. जांच के दौरान सामने आया कि सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय खरंजा, मदनपुर के मध्य विद्यालय बेला, सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय बाजितपुर, गोह प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनी कैथी, मदनपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय गणेशनगर मनिका, प्राथमिक विद्यालय कुशा, प्राथमिक विद्यालय हसनबार फुदकी, उच्च विद्यालय बेरी और गोह प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय सागरपुर के शिक्षक इस गड़बड़ी में शामिल हैं. कॉलम में दर्ज विवरण के अनुसार, कई शिक्षकों ने 14 फरवरी को अपलोड की गयी एक ही फोटो को 17 से 28 फरवरी तक बार-बार उपयोग किया. वहीं, कुछ मामलों में चार से छह फरवरी या 23 से 27 फरवरी तक ऑनलाइन उपस्थिति अनुपस्थित पायी गयी.

इन शिक्षकों से पूछा गया स्पष्टीकरण

जिन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है उनमें मध्य विद्यालय खरंजा के शिक्षक अभिनव तिवारी, मध्य विद्यालय बेला के शिक्षक अभिषेक आनंद, मध्य विद्यालय बाजितपुर के शिक्षक अभिषेक सिंह, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनी कैथी की शिक्षिका अल्पना भारती, कन्या मध्य विद्यालय के शिक्षक अमरेंद्र कुमार, उच्च विद्यालय गणेशनगर मनिका के शिक्षक अमरेंद्र कुमार ज्ञानी, अरविंद कुमार, प्राथमिक विद्यालय कुशा की शिक्षिका अनामिका कुमारी, प्राथमिक विद्यालय हसनबार फुदकी के शिक्षक अरविंद कुमार, उच्च विद्यालय बेरी के शिक्षक आशिष कुमार और उच्च माध्यमिक विद्यालय सागरपुर के शिक्षक अभिजीत कुमार शामिल हैं. वैसे इन सभी के खिलाफ अलग-अलग प्रकार की अनियमितताएं दर्ज की गयी हैं.

फोटो अपलोड की तारीख और वास्तविक उपस्थिति तिथि में

अंतर

कॉलम के अनुसार, कुछ शिक्षकों ने लगातार कई दिनों तक एक ही फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्शायी, जो संदेहास्पद माना गया है. वहीं कुछ मामलों में फोटो अपलोड की तारीख और वास्तविक उपस्थिति तिथि में अंतर पाया गया. कई शिक्षकों की उपस्थिति रिकॉर्ड में यह भी देखा गया कि वे कुछ तिथियों में पूरी तरह अनुपस्थित रहे, जबकि सिस्टम में आंशिक या संदिग्ध इंट्री दर्ज है. शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे पत्र प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर स्पष्ट करें कि किन परिस्थितियों में यह अनियमितता हुई. साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. यह मामला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और डिजिटल मॉनीटरिंग की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है. इ-शिक्षाकोष जैसी प्रणाली का उद्देश्य शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है, लेकिन इस तरह की गड़बड़ियां सिस्टम के दुरुपयोग की ओर इशारा करती हैं. जिला शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी, ताकि विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे.

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