Aurangabad News : शादी के लिए प्रमुख केंद्र बन रहा उमगा मंदिर, गूंज रही शहनाई

Aurangabad News: लोगों ने कहा- विकास के जरिये बनेगा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
मदनपुर. लगन आते ही शादी का दौर शुरु हो जाता है. हर जगह शहनाईयों की धुन बजने लगती है. चाहे वो घर हो या प्रमुख मंदिर. हर जगह भीड़ जमी रहती है. जहां एक तरफ लोग अपने घरों में शादी का आनंद उठाते है, तो वहीं दूसरी तरफ मंदिर भी शादी के लिए पहली पसंद बनती जा रही है. जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर पूर्व एनएच-19 से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित ऐतिहासिक उमगा धर्मस्थल कुछ वर्षों से शादी के लिए प्रमुख केंद्र बनते जा रहा है. उमगा पर्वत जो 52 देवी-देवताओं का शक्तिपीठ है. यहां की प्राकृतिक छटा लोगों को काफी आकर्षित करती है. पर्वत के ऊपर ऐतिहासिक सूर्य मंदिर, शहस्त्र शिवलिंगी, गणेश भगवान, माता उमंगेश्वरी सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित है. लगन में प्रतिदिन कई जोड़े शादी के बंधन में बंधते है और भगवान का दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं. शादी के दिनों में पहाड़ के नीचे और मंदिर परिसर में भीड़ जमी रहती है. शादी के लिए पहाड़ के नीचे तीन शादी मंडप, एक सार्वजानिक शौचालय एवं कई सरकारी दुकानें पर्यटन विभाग द्वारा बनायी गयी है, लेकिन लोगों का कहना है कि लगन के समय में यहां प्रतिदिन दो से तीन शादियां होती है, लेकिन जरूरत के हिसाब से अभी भी विकास नहीं हो पाया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है. उमगा पर्वत पर चहुंमुखी विकास से जहां इसकी प्रसिद्धि बढ़ेगी. वहीं पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.
क्या कहते हैं लोग
मंदिर के मुख्य पुजारी उमंगेश्वरी महोत्सव के नीव रखने वाले बालमुकुंद पाठक ने बताया कि उमगा पर्वत जहां 52 देवी-देवताओं की मंदिर स्थित है. यहां पर्यटन की असीम संभावना है. दिन प्रतिदिन यहां शादी करने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है. इसके विकास से इसकी भव्यता बढ़ेगी व स्थानीय लोगों कर लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. स्थानीय निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उमगा मंदिर परिसर लोगों के लिए शादी का प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है. जिस तरह से यहां भीड़ बढ़ रही है उसके हिसाब से विकास नहीं हो पाया है. यहां सिर्फ तीन ही शादी मंडप बना हुआ है. यहां पर अन्य सार्वजनिक शौचालय, शादी मंडप व धर्मशाला के निर्माण से लोगों की परेशानी दूर होगी. नीरज पराशर उर्फ राजू पाठक ने बताया कि आजकल लोग मंदिरों में शादी करने के लिए उत्सुक रहते है. उमगा मंदिर परिसर लोगों के लिए पहली पसंद बनी है. मंदिर परिसर के नीचे सरकारी जमीन को चिह्नित कर यहां शौचालय, शादी मंडप, धर्मशाला व दुकान के निर्माण से इसकी प्रसिद्धि बढ़ेगी. सरकार को इसके विकास के लिए प्रयास करना चाहिए. स्थानीय निवासी रविंद्र सिंह ने बताया कि उमगा पर्वत जिले के प्रमुख धर्मस्थल में एक है. यहां की प्राकृतिक बनावट पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है. यहां दूसरे राज्यों के लोग भी भारी संख्या में दर्शन करने पहुंचते है. शादी करने के बाद विभिन्न मंदिरों में जाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. नीचे से लेकर ऊपर तक सीढ़ियों पर शेड निर्माण से सहूलियत होगी. मंदिर के पुजारी दिलीप पाठक ने बताया कि, उमगा पर्वत पर कई प्राचीन मंदिर है.यहां पूजा पाठ करने से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. प्रत्येक वर्ष यहां तकरीबन सौ से ज्यादा शादियां होती है. घरों में शादी करने से लोगों की आर्थिक स्थिति पर बोझ बढ़ता है. इसलिए लोग यहां कम खर्चे मे शादी संपन्न करते है. सरकार को चाहिए कि यहां का विकास करे.
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