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Aurangabad News : त्योहार में गैस सिलिंडर की किल्लत से परेशानी

Updated at : 08 Oct 2024 10:07 PM (IST)
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Aurangabad News : त्योहार में गैस सिलिंडर की किल्लत से परेशानी

Aurangabad News:बुकिंग व रिफिलिंग की जटिल प्रक्रिया से बढ़ी मुश्किल

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औरंगाबाद शहर. उल्लास व उमंग के साथ एक ओर जहां लोग दुर्गा पूजा मनाने की तैयारी में जुटे हैं, तो दूसरी ओर एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से लोगों परेशान हैं. लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई है. त्योहार के इस मौसम में रसोई गैस की भारी कमी ने उपभोक्ताओं को हताश कर दिया है. स्थिति यह है कि कई घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गये हैं, क्योंकि गैस सिलिंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा है. गैस की आपूर्ति में देरी और ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलने से लोग परेशान हैं और एजेंसियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं. ऑनलाइन बुकिंग, ओटीपी और आपूर्ति की प्रक्रिया वर्तमान में जटिल हो गयी है. यदि मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, तो उसके लिए एजेंसी जाना पड़ रहा है. क्योंकि, जब तक मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं होगा, तब तक ऑनलाइन बुकिंग नहीं होगी. ऐसे में गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा. शहर की अधिकांश गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद भी सात से 10 दिनों तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है, जिससे त्योहारों के दौरान लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ दिख रही है. लोग बार-बार एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है. एजेंसी कर्मचारी सप्लाई में कमी का हवाला देकर उपभोक्ताओं को वापस भेज रहे है.

त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग

त्योहारी सीजन के कारण एलपीजी गैस की मांग में तेजी आयी है. लेकिन, उस मुताबिक आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ताओं के समक्ष उत्पन्न हो रही है. वैसे एजेंसी संचालक व कर्मी तरह-तरह की बातें कह रहे हैं और टाल-मटोल कर रहे हैं. गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में रोष भी व्याप्त है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का समाधान जल्द किया जाये. उनका कहना है कि त्योहार के समय इस तरह की समस्याएं न केवल उनकी दिनचर्या में रुकावट पैदा करती हैं, बल्कि त्योहारी उत्साह को भी कम कर देती है.

वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध नहीं

गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण कई लोग अब वैकल्पिक साधन ढूंढ रहे हैं, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं है. लकड़ी व कोयला पर खाना बनाना अब संभव नहीं रहा. ग्रामीण इलाके में भले ही इन साधनों का उपयोग कुछ हद तक किया जा सकता है, मगर शहरों में गैस सिलेंडर ही एकमात्र साधन हैं. वैसे कुछ लोग बिजली के उपकरणों का सहारा ले रहे हैं. पर उनकी शिकायत है कि वर्तमान में बिजली आपूर्ति भी सही से नहीं हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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