Aurangabad News : भीषण गर्मी व लू से बचाव को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

Aurangabad News:जरूरत के अनुसार टैंकर, वाटर एटीएम और प्याऊ की व्यवस्था करने का निर्देश
औरंगाबाद कार्यालय. जिले में संभावित लू, भीषण गर्मी, पेयजल संकट, सूखाड़ और अग्निकांड जैसी आपदाओं से निबटने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. बुधवार को समाहरणालय स्थित योजना भवन सभाकक्ष में डीएम अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा बैठक की गयी, जिसमें विभिन्न विभागों की तैयारी की समीक्षा की गयी. डीएम ने कहा कि भीषण गर्मी और लू का सबसे ज्यादा असर बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है. ऐसे में पेयजल संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निबटने के लिए सभी विभागों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी. उन्होंने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता की जानकारी ली और जरूरत के अनुसार टैंकर, वाटर एटीएम और प्याऊ के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
शहर में 20 प्याऊ और 13 टैंकर से जलापूर्ति
नगर पर्षद, औरंगाबाद द्वारा बैठक में बताया कि प्रत्येक वार्ड के प्रमुख स्थलों पर बोरिंग कर स्टैंड पोस्ट के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है. जल संकट वाले क्षेत्रों में डीप बोरिंग और पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है. आवश्यकता पड़ने पर टैंकर से भी जलापूर्ति की जा रही है.नगर परिषद के पास 13 टैंकर उपलब्ध हैं और अतिरिक्त जरूरत पर भाड़े पर टैंकर लिए जायेंगे. शहर के प्रमुख स्थानों पर लगभग 20 प्याऊ का निर्माण कराया गया है.
50 बेड का आश्रय स्थल तैयार
लू से राहत के लिए गांधी मैदान बस डिपो मोड़ पर 50 बेड वाला आश्रय स्थल संचालित किया जा रहा है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. सभी नगर निकायों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था कर दी गई है. डीएम ने नगर निकायों को नियमित नाला सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये.
1940 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य
कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी ने बताया कि जिले में 1940 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अब तक 1347 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है. हर प्रखंड में दो चलंत मरम्मत दल लगाये गये हैं. डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी वार्ड में जलापूर्ति की समस्या नहीं होनी चाहिए.
बिजली आपूर्ति और ट्रांसफाॅर्मर बदलने पर जोर
विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि खराब ट्रांसफाॅर्मरों को न्यूनतम समय में बदला जा रहा है. शहरी क्षेत्रों में 23-24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 22-23 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. साथ ही जर्जर तारों की मरम्मत और निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिये गये.
अस्पतालों में लू मरीजों के लिए विशेष तैयारी
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों में लू प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त दवाइयां, ओआरएस, पेयजल, ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति और ओपीडी में एसी-कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि अस्पतालों में लू प्रभावित मरीजों के लिए बेड आरक्षित किये गये हैं और वातानुकूलित एंबुलेंस भी संचालित की जायेगी. सभी प्रखंडों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस उपलब्ध है, जबकि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी इसकी सुविधा दी गयी है.
पशुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था
बैठक में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग को पशुओं के लिए दवा और पेयजल की व्यवस्था करने तथा मोबाइल वैन के माध्यम से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये.
एसओपी पालन और जनजागरूकता पर जोर
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि संभावित लू, सुखाड़, अग्निकांड और पेयजल संकट से निबटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन किया जाये. साथ ही आम लोगों को लू से बचाव के उपायों के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूक करने को कहा गया. बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सिविल सर्जन डॉ कृष्णा कुमार, डीपीएम अनवर आलम आदि मौजूद थे.
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