ePaper

Aurangabad News : बिना डॉक्टर के चल रहा ओबरा में पशु अस्पताल

Updated at : 22 Jul 2025 10:08 PM (IST)
विज्ञापन
Aurangabad News : बिना डॉक्टर के चल रहा ओबरा में पशु अस्पताल

Aurangabad News:कुव्यवस्था : पशुपालकों को हर दिन हो रही परेशानी

विज्ञापन

ओबरा. ओबरा शहर स्थित पशु अस्पताल कुव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है. अस्पताल में चिकित्सक के नहीं होने के कारण पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पशुपालक लालदेव सिंह, मनोज शर्मा, अजय सिंह, अर्जुन यादव, वीरेंद्र पांडेय, मनोज पांडेय, सत्यवान शर्मा आदि का कहना है कि मवेशियों को समुचित इलाज करने के लिए सरकारी चिकित्सक की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर है ही नहीं. इस स्थिति में गंवई डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता हैं. अब इसे सरकारी उदासीनता कहे या विभागीय मनमानी. पशुपालकों ने यह भी बताया कि डॉक्टर सृष्टि राज की पदस्थापना दो वर्ष पहले विभाग द्वारा करायी गयी थी, लेकिन बाद में विभाग ने उन्हें भी मुजफ्फरपुर जिले में पदस्थापना कर दिया, जिसके वह पद रिक्त पड़ा है. पशु अस्पताल के भवन पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये, लेकिन उसका लाभ पशुपालकों को नहीं मिल रहा है. जानकारी मिली कि ओबरा प्रखंड के डिहरा के चिकित्सक को विभाग द्वारा प्रभार दिया गया है, लेकिन वह भी प्रखंड के कई पशु चिकित्सा कार्यालय की देखभाल करते हैं. क्षेत्र के पशुपालक जब मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल पहुंचते हैं, तो स्थिति समझ लौट जाते है. हालांकि, पशु चिकित्सा अस्पताल में दो रात्रि प्रहरी, एक पशुधन सहायक तथा एक ऑपरेटर की स्थापना विभाग द्वारा करायी गयी है. लेकिन चिकित्सक को नहीं होने के कारण सबकुछ बेकार पड़ा है.

क्या कहते हैं पशुपालक

मनोज शर्मा ने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी है. मुख्यालय में पशु चिकित्सा केंद्र होने के बावजूद चिकित्सक की पदस्थापना नहीं होना दुर्भाग्य की बात है. अहीरारी गांव के निरंजन सिंह के मवेशी को सांप ने काट लिया, जिसका पशु अस्पताल में उपचार नहीं हुआ़ पशुपालक अजय सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ हर विभाग में जोर-शोर से व्यवस्था सुधारने में लगी है, लेकिन मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल में चिकित्सक की पदस्थापना नहीं होना सिस्टम की लापरवाही है. आखिर पशुपालक अपने मवेशियों का इलाज कहां कराये. पशुपालक मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि यदि किसी भी प्रखंड क्षेत्र के पशुपालकों की पशुओं का इलाज कराना हो तो उनकी पशु को जान निश्चित रूप से जा सकती है. पशु अस्पताल में जब डॉक्टर ही नहीं है तो उपाय क्या है. आखिर विभाग इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिला वेटेनरी पशु सर्जन डॉ कुमार शैलेंद्र ने बताया कि डॉक्टरों का ट्रांसफर होने की वजह से पद रिक्त हो गया है. जल्द ही डॉक्टरों की पदस्थापना की जायेगी. ओबरा के अलावा कुछ अन्य प्रखंड भी इसमें शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT KUMAR SINGH_PT

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR SINGH_PT

AMIT KUMAR SINGH_PT is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन