जांच के नाम पर हो रही वसूली !

Published at :06 Feb 2016 8:55 AM (IST)
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जांच के नाम पर हो रही वसूली !

वाहन चोरी रोकने के लिए शहर में चल रहा चेकिंग अभियान औरंगाबाद शहर में पिछले छह माह से वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गयी हैं, जिससे लोग परेशान हैं. हाट-बाजार जाने के दौरान उन्हें अपने वाहनों को सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है. शहर से हर माह आठ से 10 बाइकों की चोरी हो […]

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वाहन चोरी रोकने के लिए शहर में चल रहा चेकिंग अभियान
औरंगाबाद शहर में पिछले छह माह से वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गयी हैं, जिससे लोग परेशान हैं. हाट-बाजार जाने के दौरान उन्हें अपने वाहनों को सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है. शहर से हर माह आठ से 10 बाइकों की चोरी हो रही है. वाहन चोरी रोकने के लिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है. हर रोज दर्जनों बाइकों को पकड़ा जाता है. कुछ बाइकों पर जुर्माना लगाया जाता है, तो कुछ को पैसे लेकर थाने से ही छोड़ दिया जाता है. इससे लोगों में चर्चा शुरू हो गयी है कि पुलिस वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रही है.
औरंगाबाद कार्यालय : शहर में वाहन चोरी की घटनाएं रोकने के लिए पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. शहर में हर रोज जसोइया मोड़, नगर थाना के समीप, धर्मशाला मोड़ व रमेश चौक आदि जगहों पर चेकिंग अभियान चला कर पुलिस 50 से भी अधिक बाइकों को पकड़ कर थाने ले जाती है.
वहां कुछ वाहनों की सूची बना कर फाइन वसूला जाता है. बाकी वाहनों को पुलिस थाने से ही छोड़ देती है. सूत्र बताते हैं कि थाने से वाहन छोड़ने के एवज में पुलिस को मुंहमांगा पैसे मिल जाते हैं. यह कारोबार करीब एक महीने से चल रहा है. इस पर न तो पुलिस के वरीय पदाधिकारी की निगाह जाती है और न ही कोई पीड़ित वाहनचालक पुलिस के भय से इसका विरोध कर रहा है. लेकिन, अंदर ही अंदर चर्चा है कि वाहन चेकिंग के नाम पर पुलिस वसूली कर रही है.
औरंगाबाद शहर में पिछले छह महीनों से हर माह आठ से दस दोपहिया वाहनों (बाइक) की चोरी हो रही है. जब पीड़ित लोग थाने पहुंचते हैं, तो पुलिस मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर लेती है, लेकिन पुलिस अब तक वाहन चोर गिरोह को पकड़ने में नाकाम रही है. एक सप्ताह पहले पकड़ गये कुछ अपराधियों से चोरी के एक-दो वाहन बरामद भी किये गये, लेकिन फिर भी शहर में वाहन चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं. ऐसे में यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि जो अपराधी पकड़े गये, वह वाहन चोर गिरोह के नहीं हो सकते. इधर, पुलिस वाहन चोरी रोकने के लिए शहर में हर रोज चेकिंग अभियान चला रही है और दर्जनों वाहनों को पकड़ रही है. लेकिन कई वाहनचालकों का आरोप है कि सभी कागजात सही होने पर भी पुलिस पैसे लेने के बाद ही उनके वाहनों को छोड़ रही है. पुलिस वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रही है.
कागजात अधूरे होने पर ही लगाया जाता है जुर्माना : थानाध्यक्ष
इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष सुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि शहर में वाहन चोरी को रोकने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है. चेकिंग अभियान चला कर वाहनों की जांच की जाती है. इस दौरा कागजात के अभाव व ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करनेवाले वाहनों को फाइन वसूलने के लिए सूची बना कर परिवहन विभाग को भेजा जाता है. कुछ वाहनाें को बड़े लोगों के दबाव में जरूर छोड़ दिये जाते हैं. यह पूछने पर कि कागजात सही होने पर भी वाहनचालकों से थाने में पैसे वसूले जाते हैं, तो थानाध्यक्ष ने कहा कि अगर कुछ पुलिस पदाधिकारी ऐसा कर रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई होगी. वैसे भी उनके थाने में इस तरह की अवैध वसूली नहीं हो रही है. सिर्फ जांच के लिए पकड़े गये वाहनों को थाने में लाया जाता है.
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