शहर में जाम बना बड़ा मर्ज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Feb 2016 8:25 AM (IST)
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हर दिन जाम की समस्या से सबसे अधिक परेशान होते हैं स्कूली बच्चे औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर में जाम लगने की समस्या एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज शायद प्रशासन के पास संभव नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि इस समस्या के लिए जिम्मेवार आखिर कौन है? प्रशासन या अतिक्रमणकारी. […]
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हर दिन जाम की समस्या से सबसे अधिक परेशान होते हैं स्कूली बच्चे
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर में जाम लगने की समस्या एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज शायद प्रशासन के पास संभव नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि इस समस्या के लिए जिम्मेवार आखिर कौन है? प्रशासन या अतिक्रमणकारी. प्रशासन पिछले छह माह से अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है.
कई बार बल भी प्रयोग किया गया. सड़क छोड़ कर अतिक्रमणकारी भाग भी गये. जाम की समस्या भी कुछ घंटे के लिए दूर हुई. लेकिन हुआ क्या, सुबह निकला अतिक्रमण हटाओ अभियान शाम को फिर अतिक्रमणकारी सड़क के दोनों ओर पांव पसार दिये और फिर जाम लगने की समस्या उत्पन्न होने लगी और यदि शाम को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया तो सुबह अतिक्रमणकारी फिर सड़क पर आ गये.
फिर पूरे दिन पुरानी जीटी रोड पर जाम की स्थिति बनी रही और शहर के डेढ़ लाख से अधिक की आबादी इससे प्रभावित रही. शहर में जाम लगने की समस्या बड़ी ही जटिल है. इससे न केवल पुरानी जीटी रोड पर वाहन से चालनेवाले प्रभावित होते हैं, पैदल चलनेवालों के लिए भी कठिनाइयां उत्पन्न हो जाती है. सबसे अधिक तो परेशान होते हैं स्कूली बच्चे, जिनके विद्यालय के वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं.
जो बच्चा को घर स्कूल से छुट्टी के बाद एक बजे पहुंचना चाहिए वह तीन बजे पहुंचता है. ऐसे में घर में पढ़ाई प्रभावित होना स्वभाविक है. किसी के घर में ट्यूशन टीचर दो बजे आते हैं तो किसी के घर में तीन बजे. लेकिन बच्चा तो घर पहुंचा नहीं और शिक्षक घर से चले गये और बच्चा घर पर होनेवाली पढ़ाई से वंचित रह गया.
अतिक्रमण ही जाम की समस्या की जड़ : उमाशंकर
जाम की समस्या का जड़ है अतिक्रमण. जब तक अतिक्रमण शहर से नहीं हटाया जायेगा यह जाम की समस्या बनी रहेगी. यह कहना है व्यवसायी उमाशंकर प्रसाद का. उन्होंने जाम की समस्या के लिए प्रशासन और अतिक्रमणकारी दोनों को जिम्मेवार माना है. इनके अनुसार अतिक्रमणकारी निडर हो गये हैं. उनके भीतर कार्रवाई की भय समाप्त हो गयी है. प्रशासन को अब सीधा कार्रवाई करनी चाहिए.
व्यवसायियों को हो रहा नुकसान : मनोज मालाकार
फूल व्यवसायी मनोज मालाकार का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था काफी चिंताजनक है. खास कर व्यवसायियों को इस परेशानी से नुकसान हो रहा है. जाम की समस्या का समाधान होना अनिवार्य है. जब तक जाम की समस्या बनी रहेगी यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो पायेगी. प्रशासन को अविलंब आवागमन की व्यवस्था में सुधार लाना चाहिए.
प्रशासन केवल करता है खानापूर्ति : राजेश कुमार
शहरवासी राजेश कुमार का कहना है कि जिला प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के प्रति कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. अतिक्रमण की समस्या अगर उत्पन्न हुई है तो इसे दूर करने की जिम्मेवारी प्रशासन की है. अभी तक प्रशासन केवल अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर खानापूर्ति करती रही है.
समाधान के लिए शीघ्र होगी एक बैठक : एसडीओ
लाइलाज बन चुकी शहर में जाम लगने की समस्या पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कई बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया,लेकिन अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो पाया.
अब इस समस्या को दूर करने के लिए एक बैठक बुलायी जा रही है,जिसमें नगर पर्षद, स्थानीय पुलिस-प्रशासन, टेंपो चालक, फुटपाथ विक्रेता संघ सभी को बुलाया जायेगा और सभी की बात सुनने के बाद उनको अपनी-अपनी जिम्मेवारी सौंपी जायेगी.
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