चेतना सत्र से बढ़ता है बच्चों का बौद्धिक विकास

Published at :22 Dec 2015 8:00 PM (IST)
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चेतना सत्र से बढ़ता है बच्चों का बौद्धिक विकास

चेतना सत्र से बढ़ता है बच्चों का बौद्धिक विकास अंबा (औरंगाबाद). विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद चेतना सत्र आवश्यक है. चेतना सत्र से बच्चों में बौद्धिक विकास होता है. यें बातें आवर्ती प्रशिक्षण के दौरान मिडिल स्कूल डुमरी में समन्वयक नागेंद्र कुमार ने कहीं. उन्होंने कहा चेतना सत्र में बाल संसद के बच्चों की […]

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चेतना सत्र से बढ़ता है बच्चों का बौद्धिक विकास अंबा (औरंगाबाद). विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद चेतना सत्र आवश्यक है. चेतना सत्र से बच्चों में बौद्धिक विकास होता है. यें बातें आवर्ती प्रशिक्षण के दौरान मिडिल स्कूल डुमरी में समन्वयक नागेंद्र कुमार ने कहीं. उन्होंने कहा चेतना सत्र में बाल संसद के बच्चों की भागदारी जरूरी है. इससे छोटे बच्चों में प्रतिनिधित्व की भावना उभरती है. इससे शिक्षा से जुड़ाव भी बढ़ता है. उन्होंने स्कूल का संचालन नियत समय से करने की बात कही. सीआरसीसी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून में जो सप्ताहिक शिक्षण अवधि का निर्धारण किया गया है उसे हर हाल में पूरा होना चाहिए. इस मौके पर एचएम मोहम्मद जलील अहमद, रामप्रसाद राम, मुकेश पांडेय, गुलाम कादीर व मुकेश कुमार आदि थे. समन्वय ने शिक्षकों को सहज तरीके से बच्चों के बीच शिक्षण कार्य करने की बात कही.

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