राजर्षि वद्यिा मंदिर में शक्षिकों की कमी

Published at :02 Dec 2015 7:00 PM (IST)
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राजर्षि वद्यिा मंदिर में शक्षिकों की कमी

राजर्षि विद्या मंदिर में शिक्षकों की कमी (फोटो नंबर-7)कैप्शन- राजर्षि विद्या मंदिर प्लस टू भवन औरंगाबाद (नगर)शहर के राजर्षि विद्या मंदिर प्लस टू विद्यालय में संसाधनों की कमी से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में परेशानी हो रही है. इस विद्यालय में शहरी क्षेत्र के अलावे दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्र से भी छात्र पढ़ने आते हैं. यहां […]

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राजर्षि विद्या मंदिर में शिक्षकों की कमी (फोटो नंबर-7)कैप्शन- राजर्षि विद्या मंदिर प्लस टू भवन औरंगाबाद (नगर)शहर के राजर्षि विद्या मंदिर प्लस टू विद्यालय में संसाधनों की कमी से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में परेशानी हो रही है. इस विद्यालय में शहरी क्षेत्र के अलावे दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्र से भी छात्र पढ़ने आते हैं. यहां छात्रों की संख्या तो दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन उसके मुताबिक सुविधाएं नहीं बढ़ाने से छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. इस विद्यालय में नौवीं से इंटर तक की पढ़ाई होती है. यहां न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही भवन. इंटर कला व साइंस में लगभग पांच सौ छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन शिक्षकों के अभाव में सुचारु ढंग से पढ़ाई नहीं होती हैं. इंटर के छात्र-छात्राएं तो यहां नामांकन उत्सुकता के साथ लेते हैं लेकिन पढ़ाई नियमित ढंग से नहीं होने के कारण विद्यालय आना मुनासिब नहीं समझते. वहीं माध्यमिक में अंगरेजी व हिंदी के एक भी शिक्षक नहीं हैं. प्राचार्य डाॅ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग एक हजार है. नौवीं व 10वीं में लगभग पांच सौ छात्र हैं, वहीं इंटर में लगभग चार सौ छात्र-छात्राएं हैं. उन्होंने बताया कि यहा छह शिक्षिका व 15 शिक्षकों के बदौलत पठन-पाठन कराया जा रहा है. भवन की घोर कमी है. कंप्यूटर व प्रयोगशाला कक्ष के लिए एक भी भवन नहीं है. इंटर साइंस के एक भी शिक्षक नहीं रहने से पढ़ाई बाधित है, वहीं माध्यमिक में भी अंगरेजी, हिंदी व कंप्यूटर के शिक्षक नहीं हैं,जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई पर खासा प्रभाव पड़ रहा है.

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