देव की शान रहे रानी तालाब का अस्तित्व खतरे में
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Sep 2019 8:57 AM (IST)
विज्ञापन

देव : जल संचय का प्राचीन साधन तालाब आज भी प्रासंगिक है, लेकिन सरकारी अमले की उदासीनता व जन सामान्य के जागरूक न होने से तालाब का अस्तित्व खतरे में है. देव प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब का अस्तित्व अब मिटता जा रहा है. कभी पानी से लबालब रहने वाला यह तालाब आज खुद […]
विज्ञापन
देव : जल संचय का प्राचीन साधन तालाब आज भी प्रासंगिक है, लेकिन सरकारी अमले की उदासीनता व जन सामान्य के जागरूक न होने से तालाब का अस्तित्व खतरे में है. देव प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब का अस्तित्व अब मिटता जा रहा है. कभी पानी से लबालब रहने वाला यह तालाब आज खुद पानी के लिए तरस रहा है. एक ओर जहां तेजी से क्षेत्र में भू-जल स्तर में गिरावट आयी है वहीं लोगों को पानी के लिए त्राहि-त्राहि करते देखा जा रहा है.
कभी सालों भर लबालब रहने वाला यह तालाब का पानी श्रद्धालुओं के साथ-साथ छठव्रतियों को आकर्षित करता था. तब से लेकर आज तक इस तालाब और यहां के निवासियों का जीवंत रिश्ता रहा है. यह तालाब न सिर्फ जल स्रोत का साधन रहा, बल्कि यहां के संस्कृति का केंद्र भी रहा है. वर्तमान में इस ऐतिहासिक तालाब की स्थिति भयावह हो गयी है.
इस तालाब का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है. इसकी खासियत यह है कि तालाब के पास मंदिर है और अक्सर श्रद्धालुओं की भीड़ यहां रहती है. वर्तमान में रानी तालाब उद्धारक की बाट जोह रहा है. राजतंत्र के दौरान देव राजा द्वारा तालाब का निर्माण कराया गया था, जिसमें रानी स्नान के लिए सुरंग के माध्यम से तालाब में जाया करती थी और तालाब पर बने मंदिर में पूजा-अर्चना करती थी.
लोगों का दर्द
स्थानीय निवासी तरुण कुमार, गुड्डू सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह आदि का कहना है कि यह तालाब कभी आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था. यहां पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती थी, लेकिन आज यह तालाब खुद अपने अस्तित्व बचाने के लिए तरस रहा है. रानी तालाब आज गंदगी का घर बन चुका है. इसके पानी का रंग हरा हो चुका है और इससे दुर्गंध आती है. कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर का अस्तित्व नष्ट होते जा रहा है.
मिटती धरोहरों के संरक्षण का जिम्मेदार कौन
देव स्थित रानी तालाब के अस्तित्व पर मंडराते खतरे के जिम्मेदार नागरिक, पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि सभी है. तालाब की पानी निकासी न होने के कारण आसपास की सारी गंदगी इसी तालाब में डाली जाती है, जिससे तालाब गंदगी से पटा है.
कई बार स्थानीय लोगों ने इसके जीर्णोद्धार के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगायी. लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. अगर तालाब की सफाई करा कर इसमें पानी भरवा दिया जाये, तो लोगों को काफी हद तक पानी के संकट से भी नहीं जूझना पड़ेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




