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महिलाओं ने भगवान सूर्य की उपासना कर मांगी सुख-शांति

Updated at : 12 Apr 2019 12:54 AM (IST)
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महिलाओं ने भगवान सूर्य की उपासना कर मांगी सुख-शांति

औरंगाबाद/देव : कांच ही बांस के बंहगिया, बहंगी लचकत जाए… सूर्योपासना के पावन पर्व छठ के मौके पर देव सूर्यनगरी की फीजा में यह छठ का पारंपरिक गीत रच बस गया. गुरुवार को अस्ताचगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देने के लिए नदी घाट व सरोवरों की ओर बढते कदम और हर जुबान पर छठ मईया […]

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औरंगाबाद/देव : कांच ही बांस के बंहगिया, बहंगी लचकत जाए… सूर्योपासना के पावन पर्व छठ के मौके पर देव सूर्यनगरी की फीजा में यह छठ का पारंपरिक गीत रच बस गया. गुरुवार को अस्ताचगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देने के लिए नदी घाट व सरोवरों की ओर बढते कदम और हर जुबान पर छठ मईया के गीत ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

सूर्य अस्त होते ही व्रतियों का सैलाब घाट पर उमड़ गया. पूरे असीम श्रद्धा व आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने भागवान भास्कर को पहला अर्घ्य अर्पित किया. देव छठ मेले में पूरे जिले व पड़ोसी जिलों व राज्यों से पहुंचे करीब साढे तीन लाख व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपने संतान की लंबी उम्र, समृद्धि व परिवार की खुशियों की मन्नत मांगी. देव सूर्यकुंड तालाब के चारो ओर श्रद्धालुओं की भीड़ खचाखच भरी हुई थी. व्रतियों ने जोड़े नारियल, सेव, केला, घाघरा निंबू, ठेकुंआ से अर्घ्य दिया.

डूबते सूर्य को व्रतियों ने दिया पहला अर्घ, आज उदयीमान सूर्य को देंगे अर्घ

आज उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा. उदयीमान सूर्य को अर्घ देने के बाद चारदिवसीय छठ महापर्व संपन्न हो जायेगा. अर्घ देने के बाद महिलाएं पारन कर अपना व्रत समाप्त करेंगी.

अपनी मनोकामनाओं को लेकर व्रती घंटों पानी में खड़े रहते हैं. पांच छोटे दीपकों के साथ एक बड़ा दीपक रख पूजा अर्चना की जाती है. छठ एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें पुरोहित की आवश्यकता नहीं होती है. महिलाएं गुड़ व अदरक का सेवन कर पारन करती है. कई महिलाएं घर पर भी कोसी बनाकर पूजन करती हैं.

प्रशासन के लिए चुनौती

एक तरफ लोकतंत्र का महापर्व तो दूसरे तरफ छठ का पवित्र त्योहार. वैसे ये दोनों ही महापर्व है. ऐसे में प्रशासन के समक्ष एक बड़ी चुनौती थी कि कैसे एक ही दिन इन दोनोंं महापर्वों को शांतिपूर्ण संपन्न कराया जाए. हालांकि प्रशासन को ऐतिहासिक सफलता मिली और कहीं भी किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई.

सीसीटीवी कैमरे से निगाहेवानी भी सुरक्षा की स्थिति को मजबूत कर रहा था. डीएम और एसपी के साथ पुलिस के तमाम पदाधिकारी और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों ने दोनों महापर्वो को सादगी और शालिनता के साथ संपन्न करा दिया.

मतदान के बावजूद देव पहुंचे साढे तीन लाख छठव्रती

छठ के तीसरे दिन मतदान होने के बावजूद देव में लगभग साढे तीन लाख छठव्रतियों की भीड़ जुटी. कुछ श्रद्धालुओं ने तो पहले से ही डेरा जमा रखा था वहीं कुछ व्रती लोकतंत्र के महापर्व मतदान में अपने मताधिकार के प्रयोग करने के बाद देव पहुंचे.

देव पहुंच कर श्रद्धालुओं ने पूरे सच्चे मन से भगवान भास्कर की अाराधना की और अपने परिवार व देश की खुशहाली मांगी. डीएम राहुल रंजन महिवाल व एसपी दीपक वर्णवाल ने देव पहुंच कर छठ मेले का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से अर्घ्य देने की अपील की.

इधर देव में छठ व मतदान को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. सीआरपीएफ, बिहार पुलिस के साथ अन्य कंपनी के पुलिस बलों को तैनात किया गया था. इसके अलावा मजिस्ट्रेट व अधिकारियों द्वारा इस बात का ध्यान रखा जा रहा था कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, हालांकि पूरे जिले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्यदान किया.

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