औरंगाबाद : सेंट्रल स्कूल खोलने में राज्य सरकार ने नहीं दिया साथ : कुशवाहा
Updated at : 20 Nov 2018 9:15 AM (IST)
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औरंगाबाद सदर. उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों अपने साथी जेडीयू से काफी नाराज चल रहे हैं. केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री इस बात से खफा हैं कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में तीन केंद्रीय विद्यालय खोलने की कोशिश की, जिसमें बिहार सरकार ने साथ नहीं दिया. शहर के सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान […]
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औरंगाबाद सदर. उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों अपने साथी जेडीयू से काफी नाराज चल रहे हैं. केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री इस बात से खफा हैं कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में तीन केंद्रीय विद्यालय खोलने की कोशिश की, जिसमें बिहार सरकार ने साथ नहीं दिया. शहर के सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण अब तक दो केंद्रीय विद्यालय नहीं खुल सके हैं. नवीनगर एनजीपीसी में एक केंद्रीय विद्यालय खोला जा सका है. जिसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गयी है.
उपेंद्र कुशवाहा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड के देवकुंड में बिहार सरकार ने जमीन नहीं दी, लेकिन वहां एक मठ के महंत से मिल कर अपने स्तर पर उन्होंने जमीन उपलब्ध करायी.
केंद्र सरकार के स्तर से सारी कार्रवाई पूरी कर ली गयी. इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा मामूली औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया गया. सचिवालय में बिहार सरकार के सचिव छह महीने से फाइलों को लटका रखे हैं. उन्होंने कहा कि जिस काम में मुश्किल से 15 दिन लगता वो महीनों से राज्य सरकार के कारण लंबित है.
उन्होंने कहा कि रोहतास जिले में भी डिहरी के पास केंद्रीय विद्यालय खोलना था. विद्यालय की जमीन के लिए जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया, लेकिन करीब पिछले दो साल से राज्य सरकार के पास मामला लटका हुआ है और राज्य सरकार अपनी दिलचस्पी नहीं दिखा रही है.
उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार औरंगाबाद स्थित देवकुंड में विद्यालय खोलने का रास्ता साफ कर देती तो इसी सत्र से नये केंद्रीय विद्यालयों की शुरुआत हो चुकी होती और वहां पढ़ाई भी शुरू हो चुकी होती.
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