आरा-बलिया रेल रूट में बदलाव पर विधायक ने जताई चिंता, रेल मंत्री को लिखा पत्र, जानिए क्या है मामला?

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 06 Jun 2026 5:25 PM

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विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की फाइल फोटो

Arrah News: भोजपुर और बक्सर जिले की बहुप्रतीक्षित आरा–बलिया रेल परियोजना को लेकर बड़हरा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने परियोजना को उसके मूल प्रस्ताव के अनुसार जगजीवन हॉल्ट से ही शुरू करने की मांग की है.

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Arrah News: (दीपक की रिपोर्ट) भोजपुर, बक्सर और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली अति-महत्वपूर्ण आरा–बलिया रेल परियोजना को लेकर सियासत और जन-आकांक्षाएं तेज हो गई हैं. बड़हरा क्षेत्र के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में सीधे केंद्रीय रेल मंत्री को एक पत्र भेजा है. विधायक ने मांग की है कि इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का निर्माण इसके पुराने और मूल प्रस्ताव के आधार पर ही शीघ्र शुरू कराया जाए. उन्होंने रेल लाइन के रूट में किसी भी तरह के बदलाव की संभावनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि इस मोड़ पर रूट बदलना जनहित के खिलाफ होगा और इससे तकनीकी जटिलताएं खड़ी होंगी.

6 दशक पुराना है इतिहास, सर्वे और DPR हो चुका है पूरा

विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पत्र के माध्यम से रेल मंत्री को याद दिलाया कि आरा–बलिया रेल परियोजना की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि 1960 के दशक से ही स्थानीय जनता इसके लिए संघर्ष कर रही है। निरंतर उठ रही मांग के बाद रेल मंत्रालय ने साल 2009-10 के रेल बजट में इसे मंजूरी दी थी. इसके बाद रेलवे द्वारा इस रूट का ट्रैफिक सर्वे, फाइनल लोकेशन सर्वे और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जैसी सभी आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं.

मूल प्रस्ताव के रणनीतिक और क्षेत्रीय लाभ

विधायक ने पत्र में साफ किया कि यदि रेलवे अपने मूल प्रस्ताव पर कायम रहता है, तो बक्सर जिले के नैनीजोर में एक रेलवे स्टेशन बनेगा. इस स्टेशन से रघुनाथपुर और प्रसिद्ध ब्रह्मपुर मंदिर क्षेत्र की दूरी महज 6 से 7 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं और आम जनता को बहुत सुविधा होगी.

इसके अलावा, इस रूट का एक बड़ा रणनीतिक फायदा भी है:

  • जगजीवन हॉल्ट कनेक्टिविटी: मूल प्रस्ताव के तहत यह लाइन जगजीवन हॉल्ट से जुड़ेगी.
  • बिना रुकावट परिचालन: इसके जुड़ने से डीडीयू-पटना मुख्य रेल लाइन को बिना बाधित किए, यूपी के गोरखपुर-भटनी-बलिया रेलमार्ग से आने वाली मालगाड़ियाँ सीधे बाईपास पकड़ सकेंगी.
  • दक्षिण भारत से जुड़ाव: मालगाड़ियाँ और यात्री ट्रेनें नवनिर्मित रेल बाईपास से होते हुए ग्रैंड कॉर्ड के रास्ते झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत तक आसानी से आ-जा सकेंगी.

बदलाव हुआ तो झेलना पड़ सकता है भारी जनाक्रोश

बड़हरा विधायक ने रेल मंत्री को आगाह किया है कि इस परियोजना से भोजपुर और बक्सर सहित कुल 6 लोकसभा क्षेत्र और करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों की लाखों आबादी का सीधा हित जुड़ा हुआ है. अगर इस समय इसके रूट में कोई भी फेरबदल किया गया, तो रेलवे को स्थानीय जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल इस मुद्दे को लेकर भोजपुर के सभी जनप्रतिनिधि एकजुट और सक्रिय होने लगे हैं.

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