सिलाई सेंटर महिलाओं के लिए साबित हो रहा मील का पत्थर

सिलाई केवल कपड़ों को जोड़ने की कला नहीं
-1-प्रतिनिधि, अररिया समाज में बदलाव की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब बनती है जब किसी को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है. इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए छांव फाउंडेशन द्वारा संचालित सिलाई ट्रेनिंग सेंटर, ककुड़वा बस्ती अररिया ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की. यहां पहले बैच की 21 प्रशिक्षु लड़कियों को प्रमाण-पत्र वितरण सह सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया. यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन लड़कियों के आत्मनिर्भर बनने की ओर पहला सफल कदम था. सिलाई केवल कपड़ों को जोड़ने की कला नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भरता व आत्मसम्मान की डोर भी जोड़ती है. जब ये 21 लड़कियां इस प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ी थीं. तब उनके पास सिर्फ सीखने की ललक थी. लेकिन आज वे अपने हुनर से न केवल अपने लिए कपड़े सिलाई कर सकती हैं. बल्कि भविष्य में इसे एक व्यवसाय के रूप में भी अपनाने की क्षमता रखती हैं. समारोह की सबसे खास बात यह रही कि इन बच्चियों ने खुद से सिलाई हुए कपड़े पहनकर प्रमाण-पत्र प्राप्त किया. ये कपड़े उन्हें फाउंडेशन की ओर से उपहार स्वरूप भेंट किये गये थे. यह सिर्फ़ एक वस्त्र नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास व मेहनत का प्रमाण था. मौके पर शिक्षाविद मो मोहसिन, मो नैयरूज्जमा, सत्येन्द्र नाथ शरण, शम्स आजम, आबिद हुसैन अंसारी, फाउंडेशन अध्यक्ष दीपक दास, सचिव डॉ जाहिद अनवर, अफ़्फान कामिल, तौसीफ अनवर, तारिक नूर, मसरूर आलम, इफ्तेखार आलम, मेराज खान, सरफराज आलम, रज़ी अनवर, मो अम्मार, साकिब अनवर, मो मोइन सहित केंद्र संचालिका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










